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करवाचौथ पर आज जेल में ही अपने चांद का दीदार करेंगी महिला कैदी, पति के हाथों पानी पीकर खोलेंगी व्रत

Sat, 27 Oct 2018 12:47 PM IST
लवजीत शर्मा/ अमर उजाला, रुड़की 
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Karwa Chauth - फोटो : Facebook
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उत्तराखंड की जेलों में बंद महिला कैदियों के लिए इस बार करवाचौथ पर अनूठी पहल की है। प्रशासन ने इस बार करवाचौथ के व्रत के मद्देनजर पत्नियों को पतियों से मिलवाने की अच्छी पहल शुरू की है। करवाचौथ का व्रत रखने वाली महिला कैदियों को शनिवार व रविवार को अपने पतियों से मिलने के लिए अलग से समय दिया जाएगा।

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जेल प्रशासन की इस पहल से महिला कैदियों व उनके परिजनों में भी खुशी की लहर है। यही वजह है कि जेलों में बंद महिला कैदियों को भी इस बार करवाचौथ का बड़ी बेसब्री से इंतजार है।  

उत्तराखंड प्रदेश में दस जेल है। जिनमें देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा, सीतारगंज, चमोली, रुड़की, हरिद्वार, हल्द्वानी व टिहरी में जेल है। जिसमें करीब 4500 पुरुष व महिला कैदी विभिन्न मामलों में बंद हैं।

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इन कैदियों में से प्रदेश की सभी जेलों में करीब 250 महिलाएं कैदी विभिन्न मामलों में सजायाफ्ता हैं। सूबे की जेलों में बंद महिला कैदियों को इस बार जेल प्रशासन की ओर से करवाचौथ के त्योहार पर एक अनूठा तौहफा देने की तैयारी की है।

दरअसल, जेल में बंद कुछ महिला कैदियों ने भी करवाचौथ पर व्रत रखने की इच्छा रखी थी। इन महिलाओं ने बताया था कि वह करवाचौथ पर अपने पति से मिलकर व्रत  खोलना चाहती हैं।

महिला कैदियों की इस इच्छा पर जेल प्रशासन की ओर से मुहर लगा दी गई थी और उनसे आवेदन मांगे गए थे। इस पर कई महिला कैदियों ने आवेदन दिए थे। आवेदन मिलने के बाद जेल प्रशासन की ओर से करवाचौथ का व्रत रखने वाली महिला कैदियों को सुविधा दी जाएगी।
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जेल में मिल रहा है रोजगार 

इस बार इन महिला कैदियों को करवाचौथ पर व्रत तोड़ने के लिए अपने पतियों का दीदार कराने के लिए जेल में अतिरिक्त समय दिया जाएगा। व्रत रखने वाली महिला कैदियों को जेल प्रशासन की ओर से व्रत का सामान भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। जेल की इस अनूठी पहल से महिला कैदियों में काफी उत्साह है। 

जेल में मिल रहा है रोजगार 
उत्तराखंड प्रदेश जेल विभाग अपनी जेलों में बंद कैदियों के लिए हमेशा अनोखे प्रयोग करता है। यहां की जेलों में कैदी फर्नीचर बनाने, शॉल बुननेए सिलाई.कढ़ाई और दूसरे काम करने में खुद को व्यस्त रखते है। इतना ही नहीं जेलों में बंद होने के बावजूद वे अपनी आय कर रही है। 

करवा चौथ पर महिला कैदियों के लिए पतियों से मिलने के लिए शनिवार व रविवार का दिन निर्धारित किया गया है। करवाचौथ पर महिला कैदी पतियों से मिल सकती हैं। इसके लिए उनको अलग समय दिया जायेगा। इस समय में वह अपने पति व बच्चों से मिल सकेगी।
... डॉ.पीवीके प्रसाद, आईजी जेल 
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