देहरादून नगर निगम की शुक्रवार को होने वाली बोर्ड बैठक में पार्षद पतियों की एंट्री बैन होगी। मेयर सुनील उनियाल गामा ने इसका आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि बैठक में महिला पार्षद खुद पहुंचें। अब उनके पति कार्यों को लेकर निगम नहीं आएंगे।
मेयर गामा ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों को आदेश दिया है कि बोर्ड बैठक के साथ ही अन्य कार्यों को लेकर अगर पार्षद पति आते हैं तो उनके कार्यों को न किया जाए। महिला पार्षद जब खुद अपने कार्यों को लेकर आएं, तभी उनके कार्य किए जाएं।
मेयर ने कहा कि एक वर्ष में चार से पांच पार्षद पति निगम की बोर्ड बैठक और अन्य कार्यों को लेकर निगम आते हैं। जो संवैधानिक नहीं है। महिला पार्षदों को चाहिए कि वह खुद निगम आएं। निगम के तहत होने वाले कार्यों के बारे खुद जानें, ऐसा होगा, तभी वह विकास कार्यों को सही तरीके से धरातल पर उतार सकेंगी।
मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि अगर जनता ने महिलाओं को अपना प्रतिनिधि चुना है तो उन्हें भी जनता भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए। देखने में आ रहा है कि महिला पार्षद के बजाय उनके पति निगम आते हैं। बोर्ड बैठक में भी हिस्सा लेते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। महिला पार्षद खुद आएंगी तभी उनका कार्य होगा।