देहरादून में शुक्रवार को शहरभर की महिलाओं ने तीज पर्व मनाया। सुबह से ही सजधज कर महिलाएं घर में पूजन आदि कार्यो में लग गई। इसके साथ ही घर के बड़ो को बायना निकाल कर दिया। बेटियों के घर खास तौर पर सिंधारा भेजा गया।
हरियाली तीज के मौके पर महिलाओं ने एक दिन पहले बाजार से खरीदारी की। कुछ महिलाएं शुक्रवार को भी खरीदारी करती नजर आई। हाथों में मेहंदी लगा सुबह ही सोलह श्रृंगार में सजी महिलाओं ने शिव-पार्वती की पूजा की।
बेटियों के लिए भिजवाया सिंधारा
इसके बाद खीर-पुड़ी आदि पकवान बनाकर बड़ो के लिए बायना निकाला। बायने में भोजन के साथ ही साड़ी, श्रृंगार सामग्री आदि भेंट किया गया। बेटियों के लिए सिंधारा भिजवाया।
मन्नुगंज निवासी साधना ने बताया कि उन्होंने तीज के दिन अपनी बेटियों के ससुराल सिंधारे का सामान भिजवाया। सुमन की बेटी तो इन दिनों मायके में ही थी तो उसके ससुराल वालों ने उसके लिए कपड़े, श्रृंगार सामग्री आदि भिजवाई।
क्या कहते हैं आचार्यः
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को सौभाग्य-वृद्धि के लिए स्त्रियां पार्वती देवी का पूजन करती हैं। इसके बाद बायना निकाल अपने बड़ो को देकर सौभाग्य-वृद्धि एवं स्थिरता का आशीर्वाद ग्रहण करती हैं।
--डॉ. आचार्य सुशांत राज