एक राहगीर महिला ने कांस्टेबल को मेट्रो अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका के माथे और मुंह पर चोटें आई हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका कि दुर्घटना कैसे हुई। मौके पर सीसीटीवी कैमरा भी नहीं है, जिससे तस्वीर साफ सके।
कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह, रानीपुर कोतवाली प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट, एसओ सिडकुल प्रशांत बहुगुणा तुरंत मेट्रो अस्पताल पहुंचे। यहां से शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी भेजा गया।
इधर, आला अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर अधीनस्थों से घटनाक्रम की जानकारी ली। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि वर्ष 2005 में पति की मौत के बाद मृतका को आश्रित कोटे से नौकरी मिली थी। उनके दो बेटे और एक बेटी है। परिवार के अन्य लोग हरिपुर कलां, ऋषिकेश में रहते है।