नाइमा मजून, उड़ीसा की अध्यक्ष लोपा मुद्रा, छत्तीसगढ़ की अध्यक्ष हर्षिता पांडे, उत्तरप्रदेश की अध्यक्ष जरीना उस्मानी, महाराष्ट्र की अध्यक्ष विद्या, गुजरात की अध्यक्ष ललिता बहन, झारखंड की अध्यक्ष कल्याणी शरण के अलावा राष्ट्रीय महिला आयोग सदस्य आलोक रावत और सदस्य सचिव सतवीर कौर भी उपस्थित थीं।
इनको मिला सम्मान
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने समाज सेविका माता मंगला, लोक गायिका कल्पना चौहान, अभिनेत्री उर्वशी रौतेला, अभिनेत्री अनुकृति गुसांई, पर्वतारोही हर्षवंती बिष्ट, पद्मश्री बसंती बिष्ट को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया। हालांकि, इनमें से माता मंगला और उर्वशी रौतेला कार्यक्रम में नहीं पहुंच सकीं। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के अलावा अन्य प्रदेशों की महिला आयोग अध्यक्षों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया।
लड़कियों की संख्या कम होना चिंताजनक
सेमिनार में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कुछ जनपदों में कम लिंगानुपात पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दस महीने पूर्व उत्तराखंड में छह साल तक के बच्चों का लिंगानुपात सर्वे कराया गया। सर्वे में पौड़ी, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में लड़कियों का लिंगानुपात लड़कों की तुलना में कम था।
अनाथ बच्चों को राजकीय सेवाओं में आरक्षण
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि देशभर में करीब 31 लाख अनाथ बालक एवं बालिकाएं हैं। राज्य सरकार अपने प्रदेश के अनाथ बच्चों को राजकीय सेवाओं में आरक्षण देने के विषय में विचार कर रही है। जल्द ही में इसमें निर्णय हो जाएगा।