रेत बजरी के चुगान करते वक्त टिहरी के प्रतापनगर बनाली गांव की दो महिला मिट्टी के ढेर के नीचे दबकर जिंदा दफन हो गई।
घटना के बाद से बनाली गांव में मातम छाया हुआ है। परिवार के लोग गहरे सदमे हैं। मंगलवार को बनाली गांव के दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। भगवान सिंह की पत्नी कमली देवी (44) और कमल सिंह की पत्नी रूशनी देवी (45) सुबह सात बजे कांडा-प्रतापनगर मोटर मार्ग पर सांई मंदिर के पास अपने घरों के लिए रेत बजरी का चुगान करने गई थी।
वह रेत बजरी का चुगान कर रही थी, तभी एकाएक लाल मिट्टी का टीला उनके ऊपर आ गिरा। बनाली गांव के बच्चे सुबह वहां घूमने गए हुए थे। सांई मंदिर के पास उन्हें महिलाओं के रोने की आवाज सुनाई दी। बच्चे वहां से एक किमी दूर गांव पहुंचे और अपने परिजनों को बताया कि सांई मंदिर के पास कुछ महिलाओं की रोने की आवाज आ रही है।
गांव के सभी लोग उस तरफ दौड़ पड़े। काफी मशक्कत के बाद महिलाओं को मिट्टी के टीले से बाहर निकाला गया लेकिन तब तक दोनों महिलाएं दम तोड़ चुकी थी। लंबगांव से थानाध्यक्ष जेपी कोहली फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
परिजनों के पोस्टमार्टम कराने से इनकार करने पर पुलिस ने दोनों महिलाओं के शव पंचनामा भरने के बाद परिजनों को सौंप दिए। कमली देवी का पति बस चालक है जबकि रूशनी देवी का पति दिल्ली में किसी कंपनी में नौकरी करता है। दोनों महिलाएं अपने पीछे पति और तीन-तीन बच्चों का भरापूरा परिवार छोड़ गई हैं।