आरोप है कि पुलिस ने दोनों मां-बेटियों को बाल पकड़कर घसीटा और घर में रखा टीवी, अन्य सामान भी तोड़ डाला। इस पर कुसुम और माया बेहोश हो गई। उन्हें तत्काल ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। माया की बड़ी बेटी विमलेश का आरोप है कि महिला कांस्टेबल घर के बाहर ही खड़ी रही और चार पुलिस कर्मी उसके परिवार के साथ गालीगलौज कर मारपीट करते रहे। उसने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस पर लगे आरोपों की होगी जांच : एसपी सिटी
एसपी सिटी देवेंद्र पींचा ने कहा कि पुलिसकर्मी सत्यापन करने गए थे, लेकिन सत्यापन की जिम्मेदारी मकान मालिक की होती है। किराएदारों ने पुलिस टीम से अभद्रता की। किरायेदार ने सत्यापन चालान पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया और दरोगा से महिलाएं भिड़ने लगीं। इसके बाद भी अगर टीम पर कोई आरोप लगाया है तो उसकी जांच कराएंगे।
आजादनगर में सत्यापन का काम चल रहा था। गंगाराम का परिवार बिना सत्यापन के रहते हुए मिला था। पुलिसकर्मियों ने चालान किया और महिला कांस्टेबल भी साथ थी। पुलिस ने किसी के साथ मारपीट और घर में तोड़फोड़ नहीं की है। परिवार की ओर से गलत आरोप लगाए गए हैं।
-विद्यादत्त जोशी थानाध्यक्ष, ट्रांजिट कैंप