तीन वर्ष पहले वह अपने सात वर्षीय बेटे के साथ रोजगार के तलाश में रामनगर आ गई। यहां उसकी मुलाकात पीरूमदारा (रामनगर) निवासी एक अधेड़ से हुई। नौकरी दिलाने की बात कहकर अधेड़ उसे अपने साथ ले गया और शादी का झांसा देकर उसे अपने साथ रख लिया।
कुछ समय बाद उसने काशीपुर के ग्राम फसियापुरा में उसे किराए पर कमरा लेकर दे दिया। इस दौरान खर्च को लेकर वह बीना को तंग करने लगा। बेटे को स्कूल भेजने की बात पर अक्सर दोनों में बहस होती थी।
मकान स्वामी ने बताया कि आर्थिक तंगी और बेटे को लेकर बीना ने शनिवार दोपहर जहर खा लिया। एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव उक्त व्यक्ति को सौंप दिया। मृतका के मायके वालों को सूचना दे दी गई है। उनके आने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।