मुख्यमंत्री के जनता दरबार में अपनी समस्या लेकर पहुंची एक महिला की सुनवाई नहीं हुई तो वह फूट-फूटकर रोने लगी। सीएम से मिलने की जिद करने पर पुलिसकर्मियों ने उसे उठाकर बाहर कर दिया। मां को बिलखता महिला की नौ साल की बेटी भी रो पड़ी।
मंगलवार को लार्ड वेकेंटेश्वर हॉल में आयोजित जन सुनवाई में अपनी फरियाद लेकर शिक्षिका संतोष रावत भी पहुंची थीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत के आते ही फरियादियों ने मंच के आगे जमावड़ा लगा दिया।
पुलिस कर्मियों ने जबरन किया बाहर
पुलिसकर्मियों के प्रयास के बावजूद भी कोई मंच के पास से हटने को तैयार नहीं था। सभी अपनी समस्या सीएम तक पहुंचाना चाहते थे। बार-बार पुलिसकर्मियों के कहने पर भी जब संतोष रावत हटने को तैयार नहीं हुईं तो सीएम का प्रतिनिधि उसकी समस्या सुनने पहुंचा, लेकिन वह सीएम से ही बात करने पर अड़ गईं। तब पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन उठाकर बाहर कर दिया।
रो-रोकर कोसती रहीं
महिला रो-रोकर शासन-प्रशासन को कोसती रही। उसका कहना था कि पहले भी उसने अधिकारियों और सीएम से गुहार लगाई है, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। उसने शासन-प्रशासन पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया।