कैलास मानसरोवर यात्रियों का दूसरा दल कैलास दर्शन कर मंगलवार को दिल्ली लौट गया। कुमाऊं मंडल विकास निगम के काठगोदाम स्थित पर्यटक आवास गृह में उनका केएमवीएन महाप्रबंधक त्रिलोक सिंह मर्तोलिया और अन्य ने स्वागत किया तथा उन्हें प्रमाण पत्र दिए। दल में 54 यात्री थे।
सोमवार को 49 यात्री काठगोदाम पहुंचे क्योंकि इनमें से बिहार की एक यात्री गुंजी से अधूरी यात्रा कर पहले ही लौट गई थी, जबकि चार यात्री यात्रा पूरी करने के बाद हेलीकॉप्टर से पहले ही दिल्ली चले गए थे।
तीसरा दल वापस बूंदी पहुंचा
तीसरा दल वापसी में मंगलवार को बूंदी पहुंच गया है। चौथा दल तिब्बत के कुजू में और पांचवां दल तकलाकोट में है। छठे दल के सदस्य मंगलवार को बूंदी से चलकर गुंजी पहुंच गए। बुधवार को यात्रियों का मेडिकल परीक्षण होगा।
सातवां दल धारचूला में
डीडीहाट (पिथौरागढ़) से मिली जानकारी के मुताबिक कैलास मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे सातवें दल के 32 सदस्य मंगलवार शाम आधार शिविर धारचूला पहुंच गए। इससे पहले यात्रियों का आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी में स्वागत हुआ।
अकेले आगे न जाने की हिदायत
यात्रियों को सख्त हिदायत दी गई कि वह अकेले आगे न बढ़ें और रास्ते में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों की मदद लें। यात्रियों को बताया गया कि पैदल यात्रा मार्ग में 16 बरसाती नाले उफान पर हैं, इनको पार करते समय बेहद सावधानी बरती जाए।
यात्रा में सबसे कम उम्र के रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड) निवासी 25 वर्षीय सुनील नेगी ने कहा कि वह यात्रा को लेकर काफी उत्साहित हैं। सबसे ज्यादा उम्र के 68 वर्षीय छत्तीसगढ़ निवासी काशी प्रसाद सक्सेना ने कहा कि भोले की कृपा से यात्रा के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।