इसके बाद से अलका और दोनों बच्चे लापता हैं। वे न तो जम्मू पहुंचे और न ही किसी रिश्तेदार के यहां। पुलिस के अनुसार रमेल सिंह ने पत्नी और बच्चों की गुमशुदगी नौ अप्रैल को दर्ज कराई थी। इसके बाद जब काफी तलाश करने पर तीनों नहीं मिले तो पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। थानाध्यक्ष प्रेमनगर मुकेश त्यागी ने बताया कि मामले की कई पहलुओं के मद्देनजर जांच की जा रही है।
पांच साल पहले तक रहता था सास के घर
रमेल सिंह करीब 20 साल पहले देहरादून आया था। यहां उसने खेड़ा, झाजरा (प्रेमनगर) में रहने वाली अलका से प्रेम विवाह किया था। वह करीब 15 सालों तक अपनी सास वीना रमोला के साथ उनके ही घर पर रहा था। इसके बाद उनसे कुछ अनबन हुई तो वह बच्चों समेत ठाकुरपुर में रहने लगा। पुलिस के अनुसार यहां अलका और रमेल सिंह का आपस में विवाद होता रहता था।
शाम साढ़े छह बजे थी आईएसबीटी पर लोकेशन
पुलिस के अनुसार अलका के मोबाइल फोन की अंतिम लोकेशन आईएसबीटी देहरादून की आई है। इसके बाद से मोबाइल स्विच ऑफ है। पुलिस ने ऑटो ड्राइवर संजय से भी पूछताछ की है। उसका कहना है कि उसने परिवार को आईएसबीटी के एग्जिट गेट पर ही छोड़ दिया था। इसके बाद वह घर चला गया था। पुलिस उस दिन के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी तलाश रही है।
बेटे ने की फेसबुक आईडी बंद
अलका ने जम्मू के लिए निकलने से पहले शुभम के स्कूल से उसकी टीसी भी कटवा ली थी। वह दून वैली स्कूल प्रेमनगर में कक्षा आठ का छात्र था। शुभम का फेसबुक पर भी अकाउंट था, लेकिन घटना के अगले दिन से उसका फेसबुक अकाउंट भी बंद है। इससे मां-बेटे की किसी योजना का अंदाजा भी पुलिस लगा रही है। तीनों को निरंजनपुर, हरिद्वार, टिहरी आदि जगह मौजूद उनके रिश्तेदारों के यहां भी तलाश किया जा चुका है।