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टूटे हाथों से महिला ने मार गिराया आदमखोर गुलदार

Tue, 26 Aug 2014 04:28 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, श्रीनगर
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उत्तराखंड के श्रीनगर में कुदाल और दरांती थामकर आदमखोर गुलदार को मार गिराने वाली कमला देवी के दोनों हाथों की हड्डियां बुरी तरह टूटी पाई गईं।
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डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बाएं हाथ की कुहनी के लिगामेंट गुलदार ने बुरी तरह कुचल दिए हैं, जबकि दाहिने हाथ की कलाई की दोनों हड्डियां टूटकर बाहर आ गईं थीं।

सोमवार को चार डॉक्टरों के विशेषज्ञ दल ने साढ़े तीन घंटे तक टूटे हाथों का ऑपरेशन किया। रुद्रप्रयाग जिले के गांव सेम कोटी गांव की 56 वर्षीय कमला देवी की वीरता की कहानी उनके दोनों हाथों के घाव बयां कर रहे हैं।
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हमले में दोनों हाथों के जख्मी और फ्रैक्चर्ड हो जाने के बावजूद इस वीरांगना ने कुदाल और दरांती के लगातार वार से रविवार को गुलदार का काम तमाम किया था।
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सफल रहा दोनों हाथों का ऑपरेशन

वरिष्ठ सर्जन डॉ. राकेश रावत की टीम ने रात को ही कमला देवी के घावों तथा सीटी स्कैन को देखने के बाद बताया कि सिर की चोट से खतरे जैसी कोई बात नहीं है।

हालांकि कमला के सिर तथा कान की तरफ कई टांके लगाए गए। सोमवार सुबह कमला को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया।

जहां बेस अस्पताल के अस्थि रोग विशेषज्ञों की चार सदस्यीय टीम ने उनके दोनों टूटे हाथों का ऑपरेशन किया। विभागाध्यक्ष डॉ. सुभाष चंद ने बताया कि दोनों हाथों में आए फ्रैक्चर का ऑपरेशन सफल रहा।

ऑपरेशन दोपहर 12 बजे से शाम साढ़े तीन बजे तक चला, जिसमें डॉ. चंद के साथ डॉ. अनिल जोशी, डॉ. पंशुल जुगरान, डॉ. ज्ञानेंद्र रघुवंशी, एनेस्थीसिया के डॉ. अजय विक्रम सिंह शामिल थे।

कमला के लिए राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार की मांग

जांबाज कमला देवी के हाथों मारे गए गुलदार का रेंज ऑफिस में पशु चिकित्सकों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया।

वहीं, परिजनों और स्थानीय जनप्रतिनिधि ने कमला को राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार के लिए नामित करने की मांग की है। सोमवार को दक्षिणी रेंज ऑफिस जाखणी में पशु चिकित्सक डॉ. पंकज और डॉ. शिव कुमार ने गुलदार का पोस्टमार्टम किया।

गुलदार का जबड़ा बुरी तरह से टूटा हुआ था। दोनों अगले पांव बुरी तरह से कटे हुए थे। पोस्टमार्टम के बाद उसके शव को जलाकर दफना दिया गया।

गुलदार के शरीर के नमूनों को परीक्षण के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून भेजा जाएगा। रेंजर धीरज रावत ने बताया कि घायल महिला को तात्कालिक सहायता के तौर पर पांच हजार रुपए दिए गए हैं।
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तीस साल पहले हो गई थी पति की मृत्यु

शेष धनराशि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार दी जाएगी। वहीं, कमला के भाई राजेंद्र उच्छोली और क्षेत्र पंचायत सदस्य उत्तूर्स राजेश उच्छोली ने कमला को सम्मानित करने की मांग की।

उन्होंने बताया कि कमला के पति की मृत्यु लगभग तीस साल पहले हो गई थी। जबकि उसका बेटा अभी बेरोजगार है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने में अभी वक्त लगेगा। गुलदार शेड्यूल वन का जानवर है। उसके मरने के कारणों की जांच होगी। सभी के बयान लेने के बाद कोई नतीजे निकलेगा।
- सोहन लाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी जखोली
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