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सदमे में है गुलदार को मारने वाली 'शेरनी'

Fri, 29 Aug 2014 08:17 AM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में तीन दिन पहले गुलदार को मौत के घाट उतारने वाली महिला फिलहाल सदमे में है। बेस अस्पताल के अस्थि रोग विभाग में बेड पर लेटी कमला देवी बरबस ही कह उठती हैं कि गुलदार मेरे पास आ रहा है। गुलदार ने मुझ पर कैसे हमला किया।
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डॉक्टरों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बाद कमला का ऐसा करना स्वाभाविक है। वह अपने पूरे होश में हैं, लेकिन गुलदार की दहशत अभी भी उन पर हैं, जिस कारण वह ऐसा कर रही हैं। काउंसिलिंग से कमला ठीक हो जांएगी। साइकायट्रिस्ट द्वारा एक बार कमला की काउंसिलिंग भी कराई जा चुकी है।

रविवार को रुद्रप्रयाग की उत्तरी जखोली रेंज की ग्राम पंचायत सेम कोटी में महिला पर हमला कर दिया था। हिम्मत ना हारते हुए कमला गुलदार से जा भिड़ी और गुलदार को ढेर कर दिया। इसके बाद घायल कमला को बेस अस्पताल श्रीनगर में भर्ती कराया गया था। तब से वहीं कमला का उपचार चल रहा है।
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बहादुर महिला को देखने पहुंचे कोश्यारी और आनंद

साहसी महिला को देखने पहुंचे नैनीताल के सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि बहादुर महिला को पांच लाख रुपए और उनके इकलौते पुत्र को रोजगार दिया जाना चाहिए।

उन्होंने बगोली के समीप हुई कार दुर्घटना की दोनों घायल महिलाओं से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री हरीश रावत के पुत्र आनंद रावत ने भी गुलदार के हमले से घायल कमला देवी तथा अन्य दोनों घायलों का हालचाल जाना।

बेस अस्पताल में भर्ती कमला देवी से मिलने के लिए जब मुख्यमंत्री के पुत्र आनंद रावत पहुंचे, तो कमला देवी के दोनों हाथों की ड्रेसिंग की जा रही थी।

कमला नेगी से जब उन्होंने घटना के बारे में पूछा, तो उन्होंने उसी वीरता से गुलदार को मारने की कहानी सुनाई। आनंद रावत ने कहा कि वन्य जीवों के साथ पहाड़ के जनमानस का संघर्ष जैसे आम बात हो गई है। हमें समझना होगा कि इसे कैसे कम किया जाए।
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