दोनों के बीच भी हुई मारपीट
न्यायालय में ट्रायल शुरू हुआ तो अंत में पीड़िता की गवाही हुई। इसमें पीड़िता पूर्व के बयानों से पलट गई। उसने न्यायालय को बताया कि वह जॉनी कुमार को वर्ष 2019 से जानती थी। वह पहले से शादीशुदा था। यह जानते हुए भी दोनों ने शादी कर ली। जिस दिन की घटना बताई गई है उस दिन दोनों में बाहर जाने को लेकर झगड़ा हुआ था।
दोनों के बीच मारपीट भी हुई। गुस्से में आकर उसने जॉनी कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। इन बयानों के आधार पर फास्ट ट्रैक स्पेशल जज अश्विनी गौड़ की अदालत ने जॉनी कुमार को बरी कर दिया। जबकि, महिला के खिलाफ आईपीसी 193 के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
ये भी पढ़ें...ढाई साल की बच्ची से दरिंदगी: मजदूर दंपति को लहूलुहान मिली बेटी, मां-बाप को देख रोने लगी दर्द से तड़पती मासूम