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पति की अस्थियां गंगा में डालते ही छोड़ दी दुनिया

Thu, 24 Jul 2014 05:59 PM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
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जीवनभर पति का साथ निभाने वाली महिला पति की मौत बर्दाश्त नहीं कर सकी। ये कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि हकीकत है।
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हरिद्वार में पति की अस्थियां प्रवाहित कर जैसे ही पत्नी गंगा से बाहर निकली, उसने दुनिया से विदा ले ली। पंजाब से अपने पति की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने आई पत्नी ने भी हरकी पैड़ी के गंगा तट पर अपने परिजनों से अंतिम विदाई ली।

गंगा स्नान के तुरन्त बाद पत्नी ने भी अचानक जिंदगी का साथ छोड़ दिया। परिजन अब खड़खड़ी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे है।
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अस्थ‌ियां गंगा में डालते ही ब‌िगड़ी तब‌ियत

बुधवार को मुबारक कोठी, धुरी रोड संगरुर से चमनलाल, अमरदीप अपने पिता सोहनलाल सडाना का अस्थि क्लश लेकर पहुंचे थे। पंद्रह जुलाई को उनके 74 वर्षीय पिता का निधन हुआ था।

भाईयों के साथ उनकी माता प्रेमलता समेत बारह परिजन थे। कनखल के सतीघाट पर पिता की अस्थियां प्रवाहित कर पूरा परिवार हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान करने पहुंचा।

गंगा स्नान कर बाहर निकली प्रेमलता की तबियत अचानक बिगड़ गई। जब तक पुत्र उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचते प्रेमलता की सांसे रुक चुकी थी।
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हरिद्वार में ही महिला का अंतिम संस्कार

परिवार के पुरोहित नवनीत शर्मा ने जिला अस्पताल पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया। पुरोहित के मार्ग दर्शन पर ही परिवार ने महिला का अंतिम संस्कार खड़खड़ी श्मशान घाट पर करने का ही निर्णय लिया।

माना जा रहा है कि पति की मौत को प्रेमलता दिल से लगाए बैठी थी। पति की आखिरी निशानी अस्थियां जैसे ही गंगा में बहाई गई, प्रेमलता का इसका गहरा दुख हुआ। सदमे में उसकी जान चली गई।

पति के प्रति एक पत्नी के गहरे प्रेम को सुनकर हर कोई आश्चर्यचकित रह गया।
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