ज्वालापुर कोतवाली कैंपस में उस वक्त हर कोई अवाक रह गया जब एक महिला ने सिपाही को थप्पड़ जड़ देने की बात कही। जैसे तैसे पुलिसकर्मियों ने महिला का गुस्सा शांत कर उसे वापस भेजा।
दरअसल, पूरा मामला निरोधात्मक कार्रवाई को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट के यहां से आए जमानती वारंट का था। पारिवारिक विवाद में महिला, उसके पति के खिलाफ पुलिस ने निरोधात्मक कार्रवाई की थी और मुचलका पाबंद करने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट भेज दी थी।
महिला और उसके पति ने पिछले माह सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश होकर अपनी जमानत करा ली थी। अगली तारीख 12 सितंबर को नियत हुई थी, लेकिन शुक्रवार को फिर सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से जारी हुआ जमानती वारंट महिला के घर पर तामील करा दिया गया।
आरोप है कि सिपाही ने मोहल्ले के ही एक युवक को वारंट तामील कराने के लिए घर भेजा था। फिर जब महिला के पति ने ऐतराज जताया तब युवक ने सिपाही को बुला लिया। जिसपर महिला के पति की सिपाही से नोंकझोंक हो गई।
शनिवार को कोतवाली पहुंची महिला ने पति से बदसलूकी का आरोप लगाते हुए कोतवाली में हंगामा खड़ा कर दिया। आरोप लगाया कि एक युवक को उनके घर वारंट तामील कराने के लिए आखिर क्यों भेजा गया। खुद पुलिसकर्मी पहले क्यों नहीं आया।
उसका आरोप था कि सिपाही ने उसके पति के साथ धक्का मुक्की की है। यदि उस वक्त वह घर पर होती तो उसे कमरे में बंद करके पीट देती। बोली कि मेरा भाई भी जिले में ही चौकी प्रभारी है। एसआई नागेंद्र प्रसाद ने महिला को समझाबुझाकर शांत किया। तब कहीं जाकर महिला घर लौटी।