जैन के अनुसार उन्हें नौ जनवरी शाम चार बजे एक महिला ने फोन किया था। उसने कहा था कि वह फ्लैट खरीदना चाहती है। इस दौरान उसने अपना व्हाट्सएप नंबर भी दिया था। इस नंबर पर उनकी 10 जनवरी को बात हुई और फ्लैट खरीदने की बात कहते हुए महिला उन्हें आईटी पार्क के पास अपने किराए के फ्लैट में ले गई।
फ्लैट में जाते ही उनको वहां मौजूद युवकों ने दबोच लिया और उनके सिर पर तमंचे की बट से वार कर घायल कर दिया। इसके बाद उनके हाथ पैर बांधकर बदमाशों ने उन्हीं की एसयूवी (स्पोर्ट यूटिलिटी व्हिकिल) में डाल लिया। बदमाशों ने थानो मार्ग पर उनके हाथों से चार सोने की अंगूठियां, ब्रेसलेट और 10 हजार रुपये लूट लिए और उन्हें वहीं छोड़कर भाग गए।
इस शिकायत पर पुलिस ने जांच की तो मंगलवार देर शाम आरोपी महिला को उसी फ्लैट से गिरफ्तार किया गया, जहां से बिल्डर को उठाया गया था। पता चला कि ये लोग यहां से सामान पैक कर भागने की फिराक में थे।
वारदात में शामिल महिला के साथी भी वहीं आने वाले थे। कुछ देर बाद ही एक कार में सवार निखिल, शिवा और हिमांशु वहां पहुंचे तो पहले से ही घात लगाए बैठी पुलिस ने उन तीनों को दबोच लिया। पूछताछ में प्रियंका ने बताया कि वह अपने पति से अलग होकर देहरादून रहने आई थी।
यहां हिमांशु नेगी के साथ लिव इन में रह रही थी। उन्होंने एक फ्लैट खरीदा था, जिसके लिए उन्होंने पांच लाख रुपये एडवांस दिए थे। मगर, फ्लैट पर काबिज होने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये की और जरूरत थी।
इसी पैसे को जुटाने के लिए उन्होंने लूट की योजना बनाई और बिल्डर निशांत जैन को फंसाया। एसएसपी ने बताया कि निखिल के पास से 12 बोर का तमंचा व तीन कारतूस और शिवा कांबोज के पास से एक पिस्टल, दो मैगजीन और सात कारतूस भी बरामद हुए हैं।