यह बात बच्ची ने परिजनों को बताई तो उन्होंने दुकान पर हंगामा कर दिया। मौके पर जमा हुए लोगों ने राहुल को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने 20 मई 2017 को मामले में चार्जशीट दाखिल की थी।
पुलिस ने आरोपी के अंत:वस्त्रों को जांच के लिए भेजा था। पीड़िता और आरोपी के डीएनए टेस्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने आठ और बचाव पक्ष ने पांच गवाह प्रस्तुत किए।
बुधवार को न्यायालय ने बचाव पक्ष की सभी दलीलों को खारिज करते हुए सजा का ऐलान किया। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दोषी घटना के बाद से ही जिला कारागार सुद्धोवाला में बंद है।