देहरादून, विकासनगर, रुड़की और हरिद्वार में बिना विभागीय रजिस्ट्रेशन के सवारी ढो रहे 24 ई-रिक्शा सीज कर दिए गए। मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक ई-रिक्शा का पंजीयन सहित परमिट, बीमा और टैक्स जमा करना अनिवार्य है। इसके बाद भी कई रिक्शा वाले बिना कागजात पूरा किए अलग-अलग शहरों में सवारी ढो रहे थे।
इसके अलावा काला धुआं फेंकने वाले वाहन सीज किए जाएंगे। साथ ही फिटनेस भी की जाएगी निरस्त। आरटीओ सुधांशु गर्ग ने बताया कि मानवीय आधार पर रिक्शा मालिकों को अवगत कराया गया था कि आप गरीब तबके के हैं नियमानुसार ही संचालन करें। फिर भी ई-रिक्शे वालों के कानों जूं तक नहीं रेंगी।
परिवहन विभाग में सभी कागजी कार्रवाई पूरी करने में करीब छह हजार रुपये का खर्च हर रिक्शे पर आता है। जबकि सीज होने पर करीब आठ हजार रुपये जुर्माना भरना पड़ता है।
वहीं आरटीओ ने बताया कि प्रदूषण प्रमाण होने के बावजूद जो गाड़ियां नियमों के विपरीत धुआं फैलाएंगी उनकी फिटनेस निरस्त की जाएगी। साथ ही ऐसे वाहनों को सीधे सीज किया जाएगा।