भूमाफियाओं पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने जमीन संबंधी दस्तावेज देने में सख्ती दिखानी शुरू कर दी है।
अब बिना पहचान पत्र के भूमि का खसरा तस्दीक नहीं हो सकेगा। प्रशासन की ओर से अब हर भूमि मालिक को स्वयं खसरा तस्दीक करने के लिए बुलाया जाने लगा है। इतना ही नहीं संबंधित व्यक्ति को अपना पहचान पत्र भी दिखाना होगा, तभी पटवारी उनकी भूमि की पैमाइश करेंगे।
भू-माफिया इन दिनों जमीन कब्जाने के नए-नए फंडे निकाल रहे हैं। पहले बकायदा ऐसी भूमि ढूंढी जाती है, जिसके मकान मालिक कहीं बाहर रहते हों। इसके बाद खसरा तस्दीक करने के लिए इसे रिश्तेदार की भूमि बताते हैं। भूमि की नपाई हो जाने पर उतनी भूमि पर कब्जा कर लेते हैं। इस तरह के कब्जे को रोकने के लिए प्रशासन ने तोड़ निकाल लिया है।
खसरा तस्दीक करने के लिए पहले तो भूमि मालिक को स्वयं उपस्थित होना होगा, सिर्फ उसके उपस्थित होने से बात नहीं बनेगी बल्कि उसे अपना पहचान पत्र भी दिखाना होगा। खुद एसडीएम सदर स्वाति भदौरिया की ओर से इस तरह के मामले देखे जा रहे हैं।
उन्होंने पटवारियों को सीधे खसरा तस्दीक करने से मना कर दिया है। एसडीएम की ओर से पहचान पत्र देखने और व्यक्ति पर किसी तरह का संदेह न होने पर ही पटवारी को नपाई के लिए भेजा जाता है।
इन दिनों भूमि पर कब्जे के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि बिना पहचान पत्र खसरा तस्दीक नहीं किया जा रहा है। संबंधित व्यक्ति के आने पर ही पटवारी को भेजा जा रहा है।
- स्वाति भदौरिया, एसडीएम, सदर