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सरकारी दफ्तरों में नहीं होगा कामकाज

Wed, 16 Oct 2013 11:20 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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बुधवार को ईद की छुट्टी है लेकिन जब आप बृहस्पतिवार को सरकारी दफ्तरों में जाएंगे तो वहां कोई कर्मचारी नहीं मिलेगा। ऐसे में आपका एक भी काम नहीं होने वाला है। तहसील से लेकर अस्पताल तक में यही हाल रहेगा।
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वजह यह है कि मांगों पर अमल नहीं होने से नाराज विभिन्न विभागों के प्रदेश के करीब दो लाख सरकारी कर्मचारी बृहस्पतिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं।

हड़ताल जारी रहेगी
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रहलाद सिंह ने बताया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर शासनादेश नहीं जारी करेगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान पूरे प्रदेश के सरकारी विभागों में कोई कामकाज नहीं किया जाएगा।
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इससे पहले सरकारी कर्मचारी मंगलवार को भी कार्य बहिष्कार पर रहे। इस वजह से आम लोगों को तहसील से लेकर अस्पताल तक परेशानियां झेलनी पड़ी।

कर्मचारियों को उम्मीद थी कि शासन उनकी तीन मुख्य मांगों पर जीओ जारी कर देगी तो हड़ताल की नौबत नहीं आएगी। लेकिन जब मंगलवार शाम तक ऐसा नहीं हुआ तो कर्मचारियों ने 17 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। इस वजह से 19 अक्तूबर से शुरू होने वाले कृषक महोत्सव का लाभ किसानों को नहीं मिल पाएगा।

सरकार को अपनी ताकत दिखाई
कार्य बहिष्कार के दूसरे दिन कर्मचारियों ने सरकार को अपनी ताकत दिखाई। बड़ी संख्या में परेड ग्राउंड पर एकत्र हुए कर्मचारियों ने सरकार पर बरसते हुए कहा कि कर्मचारी हितों की जिस तरह से अनदेखी की जा रही है।

इसके विरोध में समस्त कार्यालयों में काम काज ठप कर दिया जाएगा। परिषद के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रहलाद सिंह ने कहा कि कर्मचारी शासनादेश के बगैर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। प्रदर्शन कर धरना देने वालों में अरुण पांडे, डीएस असवाल, शेषनाथ यादव, वीरेंद्र सिंह सजवाण, बीडी जोशी, गुणानंद जुयाल, आरएस बिष्ट आदि शामिल थे।

नहीं हो पाएगा कृषक महोत्सव
19 अक्तूबर से प्रदेश भर में कृषक महोत्सव शुरू होना है, लेकिन कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते इसकी तैयारियां अधूरी हैं। यदि कर्मचारी 17 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए तो महोत्सव महोत्सव शुरू नहीं हो पाएगा। जिससे किसानों को मुफ्त एवं सब्सिड़ी पर मिलने वाला बीज और कृषि उपकरण नहीं मिल पाएंगे।

दफ्तरों में पसरा सन्नाटा
कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से विकास भवन में सन्नाटा पसरा रहा। उद्यान विभाग में उद्यान निरीक्षकों ने काम नहीं किया। वही ओबीसी सर्वे नहीं हो पाया। जबकि ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्ति किए जाने के बाद मनरेगा, निवास प्रमाण पत्र, बच्चों को छात्रवृत्ति आदि से संबंधित काम नहीं हो पा रहे हैं।

कर्मचारी बोले 28 साल से हैं एक ही पद पर
तकनीकी कर्मचारी संघ उद्यान विभाग के जिलाध्यक्ष यूसी थपलियाल ने कहा कि उद्यान विभाग में कई कर्मचारी, अधिकारी पिछले 28 साल से एक ही पद पर हैं। एडीओ सते सिंह गुसांई, सत्यपाल सिंह नगी व बीएस रावत ने कहा कि उद्यान विभाग का पुनर्गठन नहीं हो पाया।
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