मुख्य वन्य जीव- वर्ष 2003 - वर्ष 2005 - वर्ष 2008
बाघ - 245 - 241 - 178
हाथी - 1582- 1510 - 1346
गुलदार - 2092 - 2105 - 2335
काला भालू - 1904 - 1678 - 1935
भूरा भालू - 05 - 30 - 14
स्लोथ भालू - 00 - 240 - 172
कस्तूरी मृग - 274 - 279 - 376
बारहसिंघा - 0 - 34 - 100
सांभर - 7138 - 10888 - 9533
चीतल- 41076 - 53386 - 53730
पांडा- 513 - 290 - 313
काकड़- 9021 - 10555 - 10111
भरल - 46 - 1991 - 596
थार - 688 - 1600 - 2235
घुरल - 9201 - 9803 - 9837
मगरमच्छ - 00 - 16 - 123
घड़ियाल - 00 - 08 - 231
नीलगाय - 5613 - 10070 - 7877
सिराऊ - 16 - 142- 358
जंगली सूअर - 00 - 32613 - 34914
गिद्ध - 00 - 5066 - 5066
काइट - 00 - 1881 - 1881
चील - 00- 811 - 811
यह बात सही है कि बीते 14 सालों से प्रदेश में वन्य जीवों की गणना नहीं हो पाई है। प्रमुख वन्य जीवों की गणना समय-समय पर होती रही है। आमतौर पर हाथी, बाघ जैसे बड़े जानवरों की गणना को आधार मानकर अन्य जीवों की गणना का तुलनात्मक अध्ययन कर लिया जाता है। हालांकि इस बात का भी परीक्षण कराया जा रहा है कि राज्य की आवश्यकता के अनुसार अन्य वन्य जीवों की गणना की जाए। फिलहाल मध्य हिमालय क्षेत्र में गुलदार की गणना का कार्य जारी है।
- डॉ. समीर सिन्हा, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक, वन विभाग
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