गढ़वाल वन प्रभाग के श्रीनगर रेंज के अंतर्गत डांग, ऐठाणा व गंगादर्शन के जंगल शुक्रवार को भी आग में जलते रहे। श्रीनगर क्षेत्र में अब तक 23.15 हेक्टेयर जंगल आग की भेंट चुका है। वहीं, नरेंद्रनगर वन प्रभाग के माणिकनाथ व डांगचौरा क्षेत्र में विभिन्न क्षेत्रों में लगी आग को बुझा लिया गया है, लेकिन अभी भी कुछ क्षेत्रों से जलते पेड़ों का धुआं दिखाई दे रहा है। जबकि कीर्तिनगर रेंज में 25.667 हेक्टेयर सिविल भूमि आग की भेंट चढ़ चुकी है।
श्रीनगर के समीप डांग, ऐठाणा, धोबीघाट व गंगादर्शन मोड़ के जंगलों में दो दिन से आग लगी हुई है। वन क्षेत्राधिकारी शीशपाल सिंह ने बताया कि गंगादर्शन बैंड में आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन यहां दोबारा आग फैल गई। वहीं डांग-ऐठाणा क्षेत्र में बृहस्पतिवार रात 11 बजे तक कर्मी आग बुझाते रहे। अंधेरा होने की वजह से शुक्रवार सुबह से दोबारा आग बुझाना शुरू किया गया।
वहीं, देवप्रयाग में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप पहुंची आग को बृहस्पतिवार रात फायर ब्रिगेड की मदद से बुझाया गया। जबकि वेली मोड़ पर खड़ी चट्टान होने की वजह से आग बुझाने में मुश्किल हुई। कीर्तिनगर रेंज के सेंद्री, मंगसू चौरास क्षेत्र के समीप जंगल पूरी रात भर चलते रहे। यहां वन विभाग ने शुक्रवार को आग पर काबू पाया।
प्रभागीय वनाधिकारी नरेंद्रनगर डीएस मीणा ने बताया कि जगह-जगह शरारती तत्व आग लगा रहे हैं। शुष्क मौसम होने की वजह से आग तेजी से फैल रही है। उन्होंने जनता से आग लगाने वालों की सूचना देने की अपील की है। एसडीएम कीर्तिनगर आकांक्षा वर्मा ने बताया कि वन विभाग के सहयोग से सिविल क्षेत्र में आग बुझाई जा रही है। कीर्तिनगर क्षेत्र में 25.667 हे. सिविल भूमि आग से प्रभावित हुई है।
आमवाला तरला में आग लगने से मचा हड़कंप
देहरादून से आमवाला तरला इलाके में आग लगने हड़कंप मच गया। इससे पहले की आग विकराल रूप धारण करती और जंगलों के साथ ही आबादी क्षेत्र में भारी नुकसान होता, लोगों की सूचना पर अग्निशमनकर्मी दमकल गाड़ियों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद दमकलकर्मियों के साथ ही लोगों ने राहत की सांस ली।
घटनाक्रम के मुताबिक, सहस्रधारा क्षेत्र के आमवाला तरला में शुक्रवार की शाम आबादी से सटे जंगल में आग लग गई। लोगों ने तत्काल इसकी जानकारी फायर ब्रिगेड को दी। जानकारी मिलते ही दमकलकर्मी भी आग बुझाने वाली गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन, दमकलकर्मियों के पसीने उस समय छूट गए जब आग बुझने के बजाय आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ने लगी। आखिरकार काफी जद्दोजहद के बाद दमकलकर्मियों ने जैसे तैसे तत्काल आग पर काबू पाया। आग बुझने के साथ ही ग्रामीणों के अलावा दमकलकर्मियों ने राहत की सांस ली।
दूसरी ओर आग के संबंध में वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों को कोई जानकारी ही नहीं दी गई। वन क्षेत्राधिकारी रायपुर राकेश नेगी से जानकारी ली गई तो उन्होंने जंगल में आग लगने की किसी भी घटना की जानकारी होने से इनकार किया। आपको बता दें कि एक दिन पहले बिझौली गांव के जंगल में आग लगी थी। आग पर काबू पाने के लिए वनकर्मियों और दमकलकर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी थी।