वहीं, बागी प्रत्याशी अखिलेश वर्मा ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया। पिथौरागढ़ नगरपालिका में टिकट नहीं मिलने पर अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय दावेदारी कर रहे भाजपा के बागी ललित पंत और गोविंद महर ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया।
नैनीताल में कांग्रेस के बागी पूर्व पालिका अध्यक्ष मुकेश जोशी ने भी पर्चा वापस ले लिया। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के ही सचिन नेगी को समर्थन दिया। वहीं रुद्रपुर में मेयर पद पर नाम वापसी का कोई आवेदन नहीं आया। हालांकि दो नामों पर चर्चा हो रही है।
भाजपा निकाय चुनाव में प्रत्याशियों की नाम वापसी के साथ ही व्यापक प्रचार अभियान शुरू कर देगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता निकायों का भ्रमण कर वहां नुक्कड़ सभाओं के साथ जनसभाएं करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू पहले चरण में प्रदेश के चार दिवसीय भ्रमण पर रहेंगे। इसके साथ ही रविवार से भाजपा चुनाव संचालन समिति के सदस्यों के प्रचार कार्यक्रम भी तय कर दिए जाएंगे।
भाजपा का प्रचार अभियान केंद्र सरकार की शहरी क्षेत्रों के लिए शुरू की गई योजनाओं पर फोकस रहेगा। इसके अलावा राज्य सरकार के शहरी क्षेत्रों को लेकर किये विकास कार्यों को भी भुनाया जाएगा। पार्टी शहरों में चले अतिक्रमण हटाने के अभियान का तोड़ भी तलाश रही है। विरोधी दल अतिक्रमण हटाने के अभियान को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश में हैं। ऐसे में पार्टी मलिन बस्तियों को दी राहत सहित अन्य केंद्रीय योजनाओं को लेकर प्रचार में उतरेगी।
वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग ने पर्यवेक्षकों की तैनाती के लिए होमवर्क पूरा कर लिया है। पहले शुक्रवार को इनकी तैनाती की उम्मीद थी, लेकिन अब शनिवार को इस संबंध में आदेश किए जा सकते हैं। आयोग के सूत्रों के अनुसार पर्यवेक्षकों की तैनाती के लिए दिन भर होमवर्क किया गया। उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति को सामने रखते हुए पर्यवेक्षकों की तैनाती का खाका खींचा गया।