शनिवार शाम को भी दोनों के बीच इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। पति प्रवीण का कहना था कि बेटे को थोड़ा बड़ा होने दीजिए। अभी उसे देखभाल की जरूरत है। अगर नौकरी करोगी तो बेटे की देखभाल नहीं हो सकती।
इसी बात पर कृष्णा को गुस्सा आ गया और उसने रात में किसी वक्त घर की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में फांसी लगा ली। रविवार सुबह जब सभी जाग गए तो कृष्णा को घर में नहीं देखा तो उसकी खोजबीन शुरू हुई।
ऊपर के कमरे की खिड़की से देखा तो कृष्णा फांसी के फंदे पर लटक रही थी। आनन-फानन में ससुराली उसे श्रीमहंत इन्दिरेश अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि श्रीनगर से परिजनों के आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।