रविवार सुबह जनकू का शव घर के बरामदे में चारपाई पर मिला था। सिर पर चोट का निशान था। जनकू की पत्नी चेतन का कहना था कि शनिवार की रात को वह और जनकू खाना खाने के बाद बरामदे में ही अलग-अलग चारपाई पर सो रहे थे। सुबह उठी तो जनकू मरा हुआ था। इससे पुलिस को शक हुआ कि बगल में पति की बेहरमी से हत्या हो गई और चेतन को पता क्यों नहीं चला। कहीं, वह इसमें शामिल तो नहीं थी। पूछताछ में मामला खुल गया।
पोस्टमार्टम में सिर में मिली गोली
जनकू के शव का पोस्टमार्टम किया गया तो सिर के सिवाय कहीं भी चोट के निशान नहीं मिले। सिर में 0.22 की गोली मिली। पता चला कि हत्या के लिए सिर से तमंचा सटाकर गोली मारी गई थी। पुलिस हत्या में इस्तेमाल किए गए असलहे के बारे में आरोपी रविंद्र से पूछताछ कर रही है। असलहा आरोपियों के खिलाफ अहम सबूत होगा। इसके अलावा पुलिस उससे भी पूछताछ करेगी जिससे रविंद्र ने असलहा खरीदा था।
खुलासे को बनाई गई थी टीम
मामले के खुलासे के लिए सीओ बीएस धोनी और प्रभारी कोतवाल एसएसआई गिरीश नेगी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम में चौकी प्रभारी हरबर्टपुर रवि प्रसाद, चौकी प्रभारी विकासनगर दीपक मैठाणी, चौकी प्रभारी कुल्हाल प्रमोद कुमार, महिला एसआई हिमानी चौधरी, कांस्टेबल नीरज कुमार, श्रीकांत मलिक, प्रविंद्र कुमार, नितिन कुमार, महिला कांस्टेबल दीक्षा यादव शामिल रहीं।
दो महीने पुराना था प्रेम
पुलिस पूछताछ में पता चला कि चेतन का अपने से 22 साल छोटे रविंद्र से प्रेम संबंध था। यह संबंध महज दो महीने पहले ही बना था। इससे पहले दोनों में अक्सर बातचीत होती थी। दोनों को प्रेम संबंध में जनकू बाधक लगता था। इसलिए दोनों ने उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। इसके लिए रविंद्र ने गांव के ही एक युवक से असलहा भी खरीदा