राजपुर में संपत्ति विवाद को लेकर एक व्यक्ति पर उसकी पत्नी ने ही जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि उसकी पत्नी, पुत्र और अन्य लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की और गला घोंटने का प्रयास किया। पीड़ित ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने चार नामजद समेत 13 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
अश्वनी त्यागी (58) ने न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तृतीय में प्रार्थना पत्र दिया है। उन्होंने बताया कि पांच जुलाई को दोपहर करीब 12:30 बजे उनकी पत्नी प्रतिमा त्यागी, रमा चौहान और आठ से दस अज्ञात महिलाएं उनके घर में जबरन घुस आईं। रमा चौहान के हाथ में लोहे की रॉड थी। प्रतिमा त्यागी ने चिल्लाकर कहा कि इसे पकड़ो और इसका खेल खत्म कर दो। जब मैने वीडियो बनाने की कोशिश की तो रमा चौहान ने उनके हाथ पर रॉड मार दी, जिससे फोन और हाथ की हड्डी टूट गई। अन्य महिलाओं ने उन्हें पकड़ लिया और प्रतिमा त्यागी व रमा चौहान ने रॉड से पिटाई की। प्रतिमा त्यागी ने रस्सी से गला इतनी तेजी से घोंटा कि मैं कुछ देर के लिए बेहोश हो गया। रमा चौहान ने मकान खाली करने की धमकी दी और कहा कि प्रतिमा से पांच लाख रुपये की सुपारी मिली है।
शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंच गए, जिससे अश्वनी त्यागी की जान बची। उन्होंने 112 और 100 नंबर पर कई बार फोन किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के सामने भी हमलावरों ने गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। जब पुलिस ने उनका वीडियो बनाना शुरू किया, तब रमा चौहान ने पुलिस को रोका। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें चिकित्सीय जांच करवाने के लिए कहा, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की। पुलिस ने इसे पारिवारिक मामला बताकर कार्रवाई से इन्कार कर दिया।
अश्वनी त्यागी ने बताया कि थाने से लौटने के बाद उनकी पत्नी, पुत्र आदित्य और पत्नी का भाई प्रभात फिर घर आए। आदित्य ने अपने मामा से कहा कि पुलिस में जाने से पहले इसे गोली मार दो। अश्वनी त्यागी ने अपनी जान को खतरा बताते हुए आठ जुलाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को भी शिकायत दी। कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्याय के लिए न्यायालय का रुख किया। राजपुर थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।