राज्य के सभी शहरों को वाई फाई से जोड़ने की योजना बजट के अभाव में शुरुआती दौर में ही दम तोड़ने लगी है। योजना के लिए सरकार की ओर से स्वीकृत 19 करोड़ रुपये में से महज छह करोड़ रुपये ही जारी हो पाए हैं। लिहाजा, योजना के क्रियान्वयन में दिक्कतें आ रही हैं।
आईटी सचिव दीपक कुमार ने बताया कि राज्य के प्रमुख 17 शहरों को वाई फाई सुविधा से लैस करने के लिए 60 करोड़ की योजना तैयार की गई थी। इसके लिए विभाग की ओर से 84 हाट स्पॉट भी चिह्नित किए गए थे, लेकिन व्यय वित्तीय समिति ने महज 19 करोड़ के बजट की स्वीकृति प्रदान की।
बजट में अड़ंगा उस समय लग गया जब राष्ट्रपति शासन के दौरान वित्त विभाग ने 19 करोड़ स्वीकृत बजट में भी भारी कटौती करते हुए महज छह करोड़ ही दो किस्तों में जारी किए। पहली किस्त में चार और दूसरी किस्त में दो करोड़ जारी किए गए। इन्हीं छह करोड़ रुपये से अब तक तमाम कार्य कराए गए हैं।
कुमार के मुताबिक यदि वित्त विभाग की ओर से स्वीकृत बजट जारी किया जाता तो अब तक राज्य के नौ शहरों में वाई फाई सुविधा शुरू हो जाती। धन के अभाव में योजना पर बेहद धीमी गति से कार्य चल रहा है।
बताया कि यदि विभाग की ओर से तैयार डीपीआर के अनुसार बजट जारी कर दिया जाए तो न सिर्फ राज्य के सभी प्रमुख 17 शहरों वरन सभी प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को भी वाई फाई से जोड़ दिया जाता। इसका लाभ स्थानीय लोगों के साथ प्रदेश में आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को भी मिलता।