यौन उत्पीड़न के आरोप में जेल में बंद आसाराम के आश्रम के अवैध निर्माण पर बीते शुक्रवार को सुनवाई पूरी होने के बावजूद अब तक फैसला न आने पर कई सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों का कहना है कि आसाराम के प्रशासनिक और राजनीतिक भक्त एमडीडीए अधिकारियों पर कार्रवाई न करने के लिए दबाव बना रहे हैं। यही वजह है कि अब तक एमडीडीए ने फैसला नहीं सुनाया है।
पांच सितंबर का नोटिस
गौरतलब है कि आसाराम के जेल में जाने के बाद सहस्त्रधारा रोड स्थित आश्रम के अवैध निर्माण के मामले में एमडीडीए ने पांच सितंबर को नोटिस जारी किया था। पहली तिथि (13 सितंबर) पर आश्रम प्रबंधन की ओर से समय मांगा गया। दूसरी तिथि (27 सितंबर) पर एमडीडीए सचिव मौजूद नहीं थे।
तीसरी तिथि पर चार अक्तूबर को सुनवाई तो पूरी हो गई, लेकिन एमडीडीए की ओर से फैसला सुरक्षित रख लिया गया। एमडीडीए सूत्रों का कहना है कि मामले को हल्का करने के लिए रास्ते तलाश किए जा रहे हैं। यहीं कारण है कि अवैध निर्माण के खिलाफ आदेश जारी करने में लेटलतीफी की जा रही है।