उत्तराखंड के नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि केदारघाटी में अभी भी बड़ी संख्या में शवों का मिलना यह प्रमाणित करता है कि दैवी आपदा के दौरान कई हजार लोगों की जान गई है।
भूख प्यास से मरने वाले इन सभी लोगों की मौत की जिम्मेदारी राज्य सरकार है। प्रदेश सरकार को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए।
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जरूरी वक्त पर गायब थी सरकार
जब सरकार को राहत कार्यों में जुटना चाहिए था तब शराब कारोबारियों को डिस्टलरी के लाईसेंस बांटे जा रहे थे। ईपीआईएल जैसे ब्लैक लिस्टेड कंपनी को केदारनाथ में सफाई करने का ठेका दे दिया गया।
धन की बंदरबाट
पूरी तरह से आपदा के धन की बंदरबाट हो रही है। नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने सरकार के इशारे पर पुलिस ने छात्र संघ चुनाव के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज किया।
जबकि हुडदंग करने वाले केवल एबीवीपी ही नहीं अन्य छात्र संगठनों के नेता भी थे। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। दिन दहाड़े माजरा में एक चिकित्सक की पत्नी की हत्या होना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।