फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dehradun News: हादसा हुआ तो कंटेनर में रखी लाखों की मशीन भी भूल गया मंगाने वाला

विज्ञापन
विज्ञापन
I
विज्ञापन

II
I
I
I
I- मालिक भी नहीं पहुंचा देहरादून, सहारनपुर और गुरुग्राम के लिए रवाना हुई पुलिस
I
I- गुरुग्राम की एक कंपनी ने खरीदा था कंटेनर, 2015 में सहारनपुर निवासी को बेचा
I
Iहादसे के बाद कंटेनर की कहानी से अब भी पर्दा उठना बाकी है। कंटेनर किसका है ये तो पुलिस को पता चल गया, लेकिन मालिक अब भी सामने नहीं आया। यही नहीं इस कंटेनर में लदी लाखों की मशीन को मंगाने वाला भी भूल गया। अभी तक यह भी पता नहीं चल पाया है कि यह मशीन किसके लिए यहां लाई जा रही थी। कंटेनर में भी ऐसा कोई दस्तावेज पुलिस को नहीं मिला है। हालांकि, अब पुलिस ने कंटेनर की गुत्थी सुलझाने के लिए टीमों को गुरुग्राम और सहारनपुर भेजा है।
I
Iबता दें कि ओएनजीसी चौक पर जिस कंटेनर से गाड़ी टकराई थी, उसकी हालत बेहद खराब थी। उसमें न तो नंबर प्लेट थी और न ही रिफ्लेक्टर और इंडीगेटर ही लगे थे। सिर्फ हेडलाइट जल रही थी, जिसके सहारे गाड़ी चल रही थी। गत सोमवार रात हुए हादसे के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि चालक वहां नहीं है। इस पर पुलिस कंटेनर को थाने ले आई। नंबर नहीं था तो पुलिस ने इंजन और चेसिस नंबर से कंटेनर का नंबर निकाला। पता चला कि यह कंटेनर 2009 में खरीदा गया था और यह वीआरसी लॉजिस्टिक के नाम पर दर्ज था।
विज्ञापन

I
Iपुलिस ने जब इस कंपनी से पता किया तो मालूम हुआ कि इस कंटेनर को उन्होंने 14 जुलाई 2015 को सहारनपुर के ग्राम नगर एलटीसी निवासी नरेश कुमार को बेच दिया था। पता यह भी चला कि उसका बीते 11 सालों से परमिट ही समाप्त हो गया है। यही नहीं उसकी वार्षिक फिटनेस भी नहीं कराई गई है। ऐसे में यह सड़कों पर किस तरह से दौड़ रहा था, यह भी एक यक्ष प्रश्न है।
विज्ञापन

I
Iइतने खस्ताहाल कंटेनर को देखकर किसी भी चेकपोस्ट पर इसे नहीं रोका गया और रात में यह देहरादून में प्रवेश कर गया। यह एक होरिजोंटल ड्रिलिंग मशीन लेकर आ रहा था। यह मशीन किसके लिए लाई जा रही थी इस बात का भी पुलिस को पता नहीं चल सका है। इन सबका पता लगाने के लिए अब पुलिस की टीमें गुरुग्राम और सहारनपुर के लिए रवाना की गई हैं।I
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें