प्राचीन भारतीय शास्त्रों और ज्योतिष को आफिसियल माने जाए तो ठंड के बस दस दिन बाकी है। आठ फरवरी को 40 दिनों का चिल्ला पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
मकर के बाद सूर्य का अगला प्रवेश कुंभ राशि में होगा और कुंभ के सूरज रही-सही ठंड को पीछे खदेड़ देगें। सोमवार को षटतिला एकादशी का व्रत रखकर श्रद्धालुओं ने पुन: तिल से बने पदार्थ अग्नि को अर्पित किए।
सूर्यदेव का ताप बढ़ाने की कामना
मकर संक्रांति से ठंड को भगाने का उपक्रम किसी न किसी रूप में चल रहा है। आज षटतिला एकादशी थी तथा नगर के अनेक भागों में लोगों ने एकादशी व्रत रखकर तिल से बने पदार्थों का दान किया और अग्नि को भोग लगाकर सूर्यदेव का ताप बढ़ाने की कामना की।
40 दिनों का चिल्ला अब उतार पर
तीन दिन बाद मौनी अमावस्या के दिन एक बार फिर से गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान कर श्रद्धालु शीत को चुनौती देगें। 40 दिनों का चिल्ला अब उतार पर है। 30 दिन बीत गए।
आखिरी दिनों में उत्तरायण के सूर्य स्वयं शीत का समापन करने को तैयार है। 8 फरवरी को जहां चिल्ला समाप्त हो जाएगा वहीं 12 फरवरी को सूर्य देव का प्रवेश कुंभ राशि में होगा। चार फरवरी को वसंत पंचमी के सूर्य निकलेंगे। सब मिलकर अब इस सीजन की ठंड को विदाई देने की तैयारियों में जुट गए हैं।