मानसून की आमद से पहले नगर निगम में भी हलचल शुरू हो गई है। नाला गैंग में भर्ती पूरी कर ली गई है, जबकि सड़कों पर भरने वाले बरसाती पानी की निकासी के लिए कई टीमें गठित कर दी गई है।
शनिवार को नगर निगम में आपदा कंट्रोल रूम स्थापित किया गया। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी तरह की दुर्घटना होने पर आपदा कंट्रोल रूम से मदद मांगी जा सकती है।
जरूरी दिशा निर्देश दिए
सोमवार को मेयर विनोद चमोली ने मानसून की तैयारी को लेकर नगर निगम में अधिकारियों के संग समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश भी दिए।
उन्होंने शहर के संवेदनशील इलाकों में अधिकारियों को अगले दो दिन में जाकर दौरा करने के निर्देश भी दिए। मेयर चमोली ने कहा कि पिछले अनुभवों से सीखते हुए इस बार ठोस रणनीति बनाने के आदेश अधिकारियों को दिए गए है।
वहीं रिस्पना और बिंदाल नदी के किनारे स्थित मलिन बस्तियों पर नदियों के उफान के दौरान नजर रखने को भी कहा गया है। अगर कुछ अप्रिय होता है तो उसके लिए ठोस आपदा राहत कार्य करने की भी रणनीति बनाई गई है। उन्होंने बताया आपदा कंट्रोल नंबरों को जारी कर दिया गया है। आपदा कंट्रोल रूम के इंचार्ज अधिशासी अभियंता एपी सुंद्रियाल है।
पचास सदस्य नाला गैंग तैयार
नगर निगम में पचास सदस्य नाला गैंग मानसूनी पानी से लड़ने को तैयार है। यह गैंग नालों को साफ कर पानी का ओवर फ्लो रोकेगा। तीन महीने के लिए नियुक्त किए गए गैंग के सदस्यों को मानदेय दिया जाएगा। वहीं नगर निगम की मशीनों की हालतों की पड़ताल भी कर ली गई है। जो मशीन खराब है, उन्हें तीन दिन के भीतर ठीक करने केे निर्देश दिए गए हैं।