कपाट खुलने के बाद गुरुवार को केदारनाथ में चटख धूप खिली थी, लेकिन शुक्रवार को फिर से धाम में मौसम खराब हो गया।
शुक्रवार को सुबह 11 बजे से लगभग 2 घंटे तक धाम में ओलावृष्टि हुई। सुबह मौसम बिल्कुल साफ था। लेकिन दोपहर बाद केदारनाथ में आंधी के साथ ओलावृष्टि हुई।
गुरुवार को खिली थी चटख धूप
इससे पहले मंदिर के कपाट खुलने के चार दिन बाद पहली बार गुरुवार को धाम में चटक धूप खिली थी। दिन भर धूप रहने से धाम में जमी बर्फ काफी मात्रा में पिघल गई थी।
आशंका जताई थी कि अगर एक-दो दिन ऐसा ही मौसम रहता तो केदारनाथ बेस कैंप और हेलीपैड के आसपास की बर्फ पिघल सकती थी। इसके बाद जीएमवीएन यहां प्री फेब्रिकेटेड हट्स का निर्माण कर सकेगा।
गुरुवार को 403 श्रद्धालु केदारनाथ दर्शन कर लौट आए। जबकि दोपहर 12 बजे तक 412 यात्री सोनप्रयाग से केदारनाथ रवाना हुए। शाम पांच बजे तक 35 श्रद्धालुओं सहित 82 लोगों ने केदारनाथ जाने के लिए पंजीकरण करवाया।
सरकारी रोटेशन से ‘सिस्टम’ गायब
सरकारी रोटेशन से ‘सिस्टम’ के गायब होने से तो यही लग रहा है कि विभिन्न स्तर पर मनमानी शुरू होने लगी है। ऐसे में निकट भविष्य में यात्रा में श्रद्धालु बढ़े तो लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ सकती हैं।
राजाज्ञा के तहत प्रशासन के निर्देश पर परिवहन विभाग ने बीती 29 अप्रैल को चारधाम यात्रा के लिए नौ निजी परिवहन कंपनियों के वाहनों की लॉटरी डाली थी।
यात्रा शुरू हुए सप्ताहभर बीत चुके हैं, मगर विभाग ने व्यवस्था की सुध लेना मुनासिब नहीं समझा।
सरकारी ज्वाइंट रोटेशन से अब तक धामों को रवाना हुए एक भी वाहन को गमन पत्र जारी नहीं हुए हैं। जिससे इसके गठन के औचित्य पर सवाल उठने लगे हैं।