ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग हिंडोलाखाल और बगरधार के बीच कुखतर के पास पहाड़ी से मलबा आने के कारण सुबह साढ़े आठ बजे बंद हो गया। एनएच की लापरवाही इस कदर रही कि ढाई घंटे बाद भी मलबा हटाने के लिए जेसीबी नहीं पहुंची। इस दौरान मुनिकीरेती जा रहे डीएम मंगेश घिल्डियाल और एसएसपी डा. योगेंद्र सिंह रावत को भी जाम का सामना करना पड़ा।
डीएम ने मामले में हस्तक्षेप किया तो जेसीबी पहुंची और डीएम-एसएसपी पैदल ही दूसरे छोर जाकर अन्य वाहन से गंतव्य को रवाना हो गए। इसके बाद दोनों ओर से जेसीबी लगाई गई और पूर्वाह्न पौने 12 बजे यातायात बहाल होने पर लोगाें ने राहत की सांस ली। एनएच की इस लापरवाही से नाराज डीएम ने एनएच खंड से स्पष्टीकरण तलब किया है। दोनों अधिकारियों के दूसरे वाहन से मुनिकीरेती निकलने के 45 मिनट बाद राजमार्ग पर यातायात बहाल हो पाया है।
गंगोरी में भूस्खलन से खतरे की जद में आया भवन
उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से सटे गंगोरी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण एक भवन खतरे की जद में आ गया। भूस्खलन से करीब डेढ़ दर्जन घरों को जोड़ने वाला पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त हिस्से में शीघ्र सुरक्षात्मक कार्य करवाने की मांग की। कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण शुक्रवार को गंगोरी क्षेत्र में गंगोत्री हाईवे के ऊपर स्थित पहाड़ी से अचानक भूस्खलन हो गया। सभासद देवेंद्र चौहान ने बताया कि भूस्खलन से गंगोरी निवासी गुलाब सिंह पंवार का घर खतरे की जद में आ गया है। यदि समय रहते सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो भूस्खलन का दायरा बढ़ने से इस बस्ती के अन्य घर भी खतरे की जद में आ जाएंगे।
भूस्खलन जोन बांसवाड़ा रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे के लिए नासूर बन गया है। यहां आए दिन पहाड़ी से मलबा व पत्थर गिर रहे हैं, जिससे घंटों यातायात बाधित हो रहा है। ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत निर्माणाधीन गौरीकुंड हाईवे पर बांसवाड़ा में शुक्रवार को पहाड़ी से दिनभर रुक-रुककर पत्थर व मलबा गिरता रहा, जिससे यातायात बाधित होता रहा। इस दौरान सवारियों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
उधर, कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर राजमार्ग दैडा के समीप भारी भूस्खलन के कारण बदहाल हो गया है। वहीं जिले में ऊखीमठ-मनसूना-जुगासू मार्ग और भौंसाल-कुंडा-दानकोट मार्ग तीसरे दिन भी बंद रहे। जबकि बीस से अधिक संपर्क मोटर मार्गों की हालत दयनीय बनी है, जिस कारण गांवों के ग्रामीण जान हथेली पर रखकर सफर कर रहे हैं। एनएच रुद्रप्रयाग के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी का कहना है कि बांसवाड़ा में पहाड़ी से हल्की बारिश में भी पत्थर व मलबा गिर रहा है, जिससे सुधारीकरण कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। मानसून के बाद प्राथमिकता से भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट किया जाएगा।
तीन दिन बाद खुला यमुनोत्री धाम का पैदल मार्ग
यमुनोत्री धाम का पैदल मार्ग तीन दिनों के बाद आवाजाही के लिए सुचारु कर दिया गया है। बारिश के कारण हुए भूस्खलन से पांच किमी लंबा जानकीचट्टी-यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग जगह-जगह बाधित हो गया था। पहाड़ी से गिरे बोल्डर मलबे के कारण पैदल रास्ते के किनारे लगाई गई सुरक्षा रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके चलते तीर्थपुरोहितों व श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। करीब तीन दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद लोनिवि कर्मचारियों ने उक्त पैदल मार्ग पर आवाजाही सुचारु कर दी है। लोनिवि के जेई रविंद्र चौहान ने बताया कि भारी बोल्डर फंसे होने के कारण मार्ग खोलने में देरी हुई है।