प्रदेश के चार पहाड़ी जिलों में आज बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिर सकती है।
वहीं, निचले व मैदानी इलाकों में बारिश हो सकती है। मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड में इजाफा होने का अनुमान है।
इसके साथ राज्य के मैदानी इलाकों में बुधवार को सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई। वहीं राजधानी देहरादून सहित पहाड़ी क्षेत्रों में चटख धूप खिली रही।
कोहरे के चलते दून-पंतनगर फ्लाइट निरस्त
दिल्ली-देहरादून-पंतनगर फ्लाइट ने कोहरे के कारण बुधवार को देहरादून से उड़ान नहीं भरी। दो बजे तक इंतजार करने के बाद पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे 42 यात्रियों को अपने संसाधनों से गंतव्य के लिए रवाना होना पड़ा। एयरलाइंस कर्मियों के अनुसार यात्रियों को उनका पूरा किराया रिफंड किया जाएगा।
एयर इंडिया की फ्लाइट बुधवार को तय समय पर दिल्ली से उड़ान भरकर देहरादून पहुंची। फ्लाइट को 11.50 बजे देहरादून से उड़ान भरकर 12.30 बजे पंतनगर पहुंचना था। पंतनगर एयरपोर्ट से जौलीग्रांट एयरपोर्ट को सूचना दी गई कि लो विजिबिलिटी के कारण पंतनगर में विमान की लैंडिंग संभव नहीं है। इसके बाद यह फ्लाइट दो बजे तक पंतनगर में विजिबिलिटी बढ़ने का इंतजार करती रही। दो बजे तक भी विजिबिलिटी मात्र 300 मीटर होने के कारण यह फ्लाइट देहरादून से पंतनगर न आकर दिल्ली लौट गई।
बारिश के साथ इस बार कड़ाके की ठंड
मौसम विभाग इस वर्ष कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान लगा रहा है। दिसंबर, जनवरी और फरवरी में बारिश होने के भी आसार बन रहे हैं। यही नहीं पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में लोगों को शीत लहर का सामना भी करना पड़ेगा। सर्दी के मौसम में 10 से 15 बार बारिश होने से पहाड़ों के किसानों को भी फायदा होगा।
ठंड ने पहाड़ों से लेकर तराई तक दस्तक दे दी है। जीबी पंत कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि दिसंबर, जनवरी और फरवरी में लानीना की वजह से कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है। इन तीन महीनों में करीब 15 बार पश्चिमी विक्षोभ उत्पन्न होने की संभावना है, जिस कारण पहाड़ी क्षेत्र में बर्फबारी ओर मैदानी इलाकों में वर्षा होने की संभावना बनेगी। पहाड़ों में अत्यधिक बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में लोगों को शीत लहर का सामना भी करना पड़ सकता है। इस दौरान होने वाली वर्षा पहाड़ी जिलों के किसानों को फायदा पहुंचाने वाली है। संवाद