मौसम केंद्र के निदेशक डॉ. बिक्रम सिंह ने बताया कि अत्यधिक ठंड से फ्लू, बहती और भरी हुई नाक या नकसीर जैसी विभिन्न बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। जो आमतौर पर ठंड के लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण होती है या बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि इन दिनों में मध्यम तामपान रहेगा। समय-समय पर सर्द हवाओं के चलने से ठंड बढ़ सकती है।
ठंड सहनीय रहेगी। कमजोर लोगों खासकर शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, पुरानी बीमारियों वाले लोगों आदि के लिए हल्के स्वास्थ्य की चिंता है। जिन जिलों में मौसम खराब रहने की चेतावनी है उनके संबंधित निकायों, प्रशासनों को अलाव जलाने व रैन बसेरों को दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है। वाहन चलाते या यातायात के समय सावधान रहें। ठंड में लंबे समय तक रहने से बचें। अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को कवर करें।