कई महीनों के इंतजार के बाद बुधवार को उत्तराखंड को कोरोना वैक्सीन की पहली खेप मिल गई। सिरम इंस्टीट्यूट पुणे से लाई गईं 1.13 लाख कोविशील्ड वैक्सीन राज्य को मिली हैं। स्पाइस जेट के विशेष विमान से वैक्सीन पहुंचने के बाद देहरादून समेत पांच जिलों को सड़क मार्ग से वैक्सीनेशन वैन के जरिए वैक्सीन भेज दी गई है।
बुधवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेसवार्ता में सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्दशों के अनुसार प्रदेश को सिरम इंस्टीट्यूट से 1.13 लाख कोविशील्ड वैक्सीन मिल गई है।
स्पाइस जेट के विशेष विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर दोपहर 2.45 बजे वैक्सीन पहुंची है। एयरपोर्ट से कोल्ड चेन प्रणाली के तहत वैक्सीन को राज्य केंद्रीय औषधि भंडार गृह के वॉक इन कूलर में सुरक्षित रखा गया है।
यहां से देहरादून समेत हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग जिले को सड़क मार्ग से वैक्सीनेशन वैन से पुलिस सुरक्षा के साथ वैक्सीन भेज दी गई है। शेष जिलों को क्षेत्रीय कोल्ड स्टोरेज से अन्य जिलों से वैक्सीन भेजी जाएगी।
गुरुवार को प्रदेश के सभी टीकाकरण बूथों तक वैक्सीन पहुंच जाएगी। इस मौके पर प्रभारी सचिव डॉ.पंकज कुमार पांडेय, राज्य कोविड कंट्रोल रूम के चीफ ऑपरेटिंग आफिसर डॉ.अभिषेक त्रिपाठी, डॉ.कुलदीप सिंह मार्तोलिया, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ.विकास शर्मा मौजूद थे।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि 16 जनवरी को प्रदेश में वैक्सीनेशन के पहले चरण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कोविड-19 के चरणबद्ध टीकाकरण अभियान के लिए राज्य में वैक्सीन की पहली खेप पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड में भी चरणबद्ध टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी इंतजाम पुख्ता कर लिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हम सभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना महामारी पर विजय प्राप्ति की ओर अग्रसर हैं। राज्य सरकार प्रदेशवासियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रदेशवासियों से वैश्विक महामारी के खिलाफ विजय के इस अभियान में सहयोग की अपेक्षा की। कहा कि केंद्र की ओर से प्रदेश को पहली खेप के रूप में करीब एक लाख 13 हजार वैक्सीन दी गई हैं। पहले चरण में 50 हजार हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन लगाई जानी है। वहीं, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है, इस पर कोई भ्रम नहीं रहना चाहिए।
मेयर डॉ. जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला कोरोना पॉजिटिव आए हैं। उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में भर्ती किया गया है। एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि मेयर को कुछ दिनों से हल्का बुखार आ रहा था।
इस कारण घर पर ही आइसोलेट थे। बुखार न टूटने के कारण उन्होंने कोरोना की जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर बुधवार की देर शाम वह एसटीएच में भर्ती हो गए। एमएस ने बताया कि मेयर की हालत स्थिर है। उनका ऑक्सीजन लेवल भी ठीक है। वह मेयर मधुमेह से ग्रस्त हैं।