तुंगनाथ घाटी के ग्राम पंचायत उषाड़ा के ताला तोक में भूधंसाव के कारण कई आवासीय मकान व दुकानें खतरे की जद में आ गई हैं। ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।
सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल सिंह बजवाल व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव के ताला तोक के नीचे आकाशकामिनी नदी के तेज बहाव से हो रहे भूकटाव से ऊपरी हिस्से में भूधंसाव हो रहा है। जगह-जगह पर जमीन धंसने से दरारें पड़ रही हैं, जिससे 45 आवासीय भवनों व 8 दुकानों को खतरा पैदा हो गया है। लगातार हो रहे भूधंसाव से कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग को भी खतरा पैदा हो गया है, जिससे कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है।
अगर, भूधंसाव से सड़क को नुकसान होता है तो क्षेत्र के उषाड़ा, दैड़ा, हुड्डू, बंरगाली, कांडा और ग्वाड़ गांव का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट जाएगा। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर यथाशीघ्र सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। इधर, उप जिलाधिकारी वरुण कुमार अग्रवाल ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित परिवारों व व्यवसायियों की सूची तैयार की जा रही है।
मंगलवार रात की बारिश से जगह-जगह हुए भूस्खलन के कारण गंगोत्री हाईवे समेत कई संपर्क मार्ग बाधित हुए, जिन्हें सुचारू करने के लिए संबंधित सड़क निर्माण विभागों ने बुधवार सुबह से ही मलबा हटाने का कार्य आरंभ कर दिया।
मंगलवार रात को हुई बारिश के कारण भटवाड़ी ब्लॉक के स्वारीगाड़ क्षेत्र में भूस्खलन हुआ, जिसके चलते गंगोत्री हाईवे पर देर रात से ही यातायात ठप रहा। भूस्खलन के कारण जनपद के कमद अयारखाल, भेला टिपरी, धरासू जोगत, जसपुर, बड़ेथी, उडरी, भुक्की कुज्जन व धौंतरी सिरी मोटर मार्गों में भी वाहनों की आवाजाही बाधित रही।
मार्गों को खोलने के लिए संबंधित सड़क निर्माण विभागों के कर्मचारी लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बार-बार मौसम खराब होने के कारण कार्य प्रभावित होने से कई मार्ग अभी भी बंद पड़े हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि अधिकांश मार्गों पर यातायात पुन: बहाल कर दिया गया है।