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उत्तराखंड: लामबगड़ में बदरीनाथ हाईवे 30 तो रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग 40 घंटे बाद खुला

Wed, 05 Aug 2020 07:03 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ/उत्तरकाशी
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- फोटो : फाइल फोटो
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मलबा आने से लामबगड़ में बंद हुआ बदरीनाथ हाईवे दो दिन बाद बुधवार को खुल गया। हाईवे खुलने के बाद बदरीनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। लामबगड़ में सोमवार रात को मलबा आने से हाईवे बंद हो गया था।

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मंगलवार दिनभर एनएच की जेसीबी मलबा हटाने में जुटी रहीं, लेकिन बार-बार बारिश होने से हाईवे खोलने में दिक्कतें हो रही थी। बुधवार को भी सुबह से जेसीबी मलबा हटाने में जुट गईं और सुबह नौ बजे हाईवे खोल दिया गया।

रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे बांसवाड़ा खुला 
गौरीकुंड हाईवे बांसवाड़ा में 40 घंटे के बाद खुल पाया है। एनएच व निर्माणदायी संस्था द्वारा पहाड़ी से गिरे भारी मलबा व पत्थरों को साफ कर यातायात बहाल कर दिया है। लेकिन स्थिति अब भी संवेदनशील बनी हुई है।
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बुधवार को दिनभर मौसम सुहावना होने पर बांसवाड़ में पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला भी थमा रहा, जिस कारण एनएच व कार्यदायी संस्था द्वारा दो तरफा मशीनों से मलबे की सफाई कर शाम पांच बजे हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया। 

एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बांसवाड़ा में भूस्खलन जोन परेशानी का कारण बना हुआ है। हल्की बारिश में भी पहाड़ी से मलबा व पत्थर गिर रहे हैं। ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत चौड़ीकरण का कार्य पूरा होने के बाद राजमार्ग के संवेदनशील जोन पर सुरक्षा कार्य होने हैं, इसके लिए जरूरी ऑपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है।

ताला तोक भूधंसाव की चपेट में, 45 परिवारों को खतरा

तुंगनाथ घाटी के ग्राम पंचायत उषाड़ा के ताला तोक में भूधंसाव के कारण कई आवासीय मकान व दुकानें खतरे की जद में आ गई हैं। ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। 

सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल सिंह बजवाल व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव के ताला तोक के नीचे आकाशकामिनी नदी के तेज बहाव से हो रहे भूकटाव से ऊपरी हिस्से में भूधंसाव हो रहा है। जगह-जगह पर जमीन धंसने से दरारें पड़ रही हैं, जिससे 45 आवासीय भवनों व 8 दुकानों को खतरा पैदा हो गया है। लगातार हो रहे भूधंसाव से कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग को भी खतरा पैदा हो गया है, जिससे कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है।

अगर, भूधंसाव से सड़क को नुकसान होता है तो क्षेत्र के उषाड़ा, दैड़ा, हुड्डू, बंरगाली, कांडा और ग्वाड़ गांव का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट जाएगा। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर यथाशीघ्र सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। इधर, उप जिलाधिकारी वरुण कुमार अग्रवाल ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित परिवारों व व्यवसायियों की सूची तैयार की जा रही है।  
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भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे समेत कई संपर्क मार्ग बंद

मंगलवार रात की बारिश से जगह-जगह हुए भूस्खलन के कारण गंगोत्री हाईवे समेत कई संपर्क मार्ग बाधित हुए, जिन्हें सुचारू करने के लिए संबंधित सड़क निर्माण विभागों ने बुधवार सुबह से ही मलबा हटाने का कार्य आरंभ कर दिया। 

मंगलवार रात को हुई बारिश के कारण भटवाड़ी ब्लॉक के स्वारीगाड़ क्षेत्र में भूस्खलन हुआ, जिसके चलते गंगोत्री हाईवे पर देर रात से ही यातायात ठप रहा। भूस्खलन के कारण जनपद के कमद अयारखाल, भेला टिपरी, धरासू जोगत, जसपुर, बड़ेथी, उडरी, भुक्की कुज्जन व धौंतरी सिरी मोटर मार्गों में भी वाहनों की आवाजाही बाधित रही।

मार्गों को खोलने के लिए संबंधित सड़क निर्माण विभागों के कर्मचारी लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बार-बार मौसम खराब होने के कारण कार्य प्रभावित होने से कई मार्ग अभी भी बंद पड़े हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि अधिकांश मार्गों पर यातायात पुन: बहाल कर दिया गया है। 
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