मानसून के जाने के बाद कुमाऊं क्षेत्र में बारिश का सूखा ही रहा है। कुछ जिलों में केवल बूंदाबांदी हुई है। बाकी के जिलों में सूखा बना रहा। इस वजह से मौसम सामान्य बना हुआ है।
हालांकि इस बार मौसम विभाग ने दिसंबर, जनवरी और फरवरी में पश्चिमी विक्षोभ की ज्यादा सक्रियता रहने के आसार जताए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सामान्य से ज्यादा आएंगे। जिस वजह से बारिश और ठंड रहेगी। पहाड़ों में रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी भी हो सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ रबी फसल के लिए जरूरी है। सामान्य तौर पर दिसंबर से फरवरी तक एक माह में दो से तीन पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होते हैं और तीन माह में कुल नौ से 10 पश्चिमी विक्षोभ से बारिश होती है, लेकिन इस साल प्रतिमाह करीब पांच पश्चिमी विक्षोभ आ सकते हैं और अगले तीन महीने में 15 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं।
कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर के मौसम विज्ञानी डॉ आरके सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कुछ दिनों के बाद शुरू हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस वजह से मैदानी क्षेत्रों में और पहाड़ी क्षेत्रों में जमकर बारिश होगी और साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी होगी। उन्होंने कहा कि इस बार ठंड का भी प्रकोप रहेगा।
एक अक्तूबर से अब तक की बारिश
जनपद - बारिश (मिमी) - कमी (प्रतिशत में)
नैनीताल - 0.0 - 100
बागेश्वर - 1.6 - 95
चंपावत - 0.0 - 100
अल्मोड़ा - 0.0 - 100
पिथौरागढ़ - 0.2 - 99
यूएस नगर - 0.5 - 99
(उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र का आंकड़ा)
कुछ दिनों बाद पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो जाएंगे। इनसे अच्छी बारिश होगी। पहाड़ों में अच्छी बर्फबारी भी होगी। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता सामान्य से ज्यादा होगी।
- डॉ. आरके सिंह, मौसम विज्ञानी, जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय, पंतनगर