pre monsoon heavy rain in uttarakhand
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सोमवार को नैनीताल में खुर्पाताल के पास सड़क पर मलबा आने से मार्ग बंद हो गया है, मार्ग को खोलने का कार्य जारी है।
सोमवार को सुबह से राजधानी देहरादून सहित बदरीनाथ, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग और गोपेश्वर में बादल छाए रहे। रुद्रप्रयाग, बदरीनाथ, पौड़ी और देहरादून के कई इलाकों में रुकरुक कर बारिश भी हुई, जिससे तापमान में ठंडक का अहसास किया गया। इससे पहले प्रदेश भर में रविवार को भी कई जगहों पर बारिश हुई।
रुद्रप्रयाग में रविवार देर शाम को हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से अगस्त्यमुनि और जखोली ब्लॉक के गांवों में भारी नुकसान हो गया। यहां मखोली और मणगू गांव में करीब 100 नाली जमीन बह गई और एक गौलाशा क्षतिग्रस्त हो गई। ऐटा गांव में घराट और पैदल पुलिया ध्वस्त हो गई। जिले के पैदल रास्ते में भी बरसाती पानी के ऊफान पर रहे। गबनी गांव में लक्ष्मी-नारायण मंदिर के ऊपर पेड़ गिर गया, जिससे मंदिर को काफी नुकसान पहुंचा है।
उत्तराखंड में आगामी 36 घंटे पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने प्रदेश में आगामी 36 घंटे का अलर्ट जारी किया है। इसके तहत राजधानी सहित गढ़वाल मंडल के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। साथ ही आंधी और ओले भी मुसीबत बढ़ाने वाले हैं।
राजधानी में एक दिन पहले हुई बारिश की वजह से गर्मी से राहत रही। राजधानी में दिन का अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
संभलकर जाएं चारधाम यात्रा पर
चार धाम
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मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि सूबे में आगामी 36 घंटे मौसम के लिहाज से मुश्किल भरे हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि अगले 36 घंटे चंपावत, नैनीताल, अल्मोड़ा, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा इन सभी जगहों पर तेज आंधी और ओले पड़ने की भी आशंका है। राजधानी में बारिश की वजह से तापमान में गिरावट आ सकती है।
आगामी 36 घंटे चारधाम यात्रियों के लिए भी अहम होने वाले हैं। मौसम विभाग के मुताबिक केदारनाथ, बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, गंगोत्री और यमुनोत्री में तेज बारिश के साथ ही ओले भी पड़ सकते हैं। लिहाजा यात्रियों को संभलकर रहने की सलाह दी गई है।