उप जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। रोजाना करीब पांच मरीज स्क्रब टाइफस और 35 मरीज वायरल बुखार के पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक फिलहाल कोई गंभीर मामला सामने नहीं आया है। मरीजों को ओपीडी में जांच के बाद उपचार दिया जा रहा है।
छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल उपाध्याय ने बताया कि स्क्रब टाइफस एक जीवाणु संक्रमण है, जो संक्रमित चिगर (माइट के लार्वा) के काटने से फैलता है। बारिश के बाद झाड़ियों, घास और नमी वाले स्थानों में इनका खतरा बढ़ जाता है। तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी और ठंड लगना इसके प्रमुख लक्षण हैं। कुछ मरीजों में काटने की जगह पर काला निशान भी दिखाई दे सकता है।
उन्होंने बताया कि वायरल बुखार में भी तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, थकान, गले में खराश, खांसी या जुकाम जैसे लक्षण हो सकते हैं। बचाव के लिए आसपास सफाई रखें, झाड़ियों और घनी घास में जाते समय पूरे शरीर को ढककर रखें, हाथों की नियमित सफाई करें और साफ पानी व ताजा भोजन का सेवन करें। बुखार लगातार बने रहने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।