केदारनाथ में पिछले 10 घंटे से लगातार बर्फ होने से 4.5 फीट से अधिक नई बर्फ जम गई है। यहां चारों तरफ घना कोहरा छाया हुआ है। प्रात: 10 बजे से तापमान मानइस में होने से ठंड बढ़ गई है। अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी तेज हिमपात हुआ है। जबकि निचले बस्ती क्षेत्रों में तड़के से रुक-रुकरुक कर कहीं मध्यम तो कहीं हल्की बारिश हो रही है।
दोपहर 1.30 बजे धाम में पारा माइनस 3 डिग्री पहुंच गया। धाम में मौजूद निम के कैप्टन सोबन सिंह ने बताया कि बीते मंगलवार को भी दोपहर 1 बजे से रात्रि 8 बजे तक बर्फबारी हुई थी। बताया कि रामबाड़ा से रुद्रा प्वाइंट तक दो से ढाई फिट बर्फ जम चुकी है। बर्फबारी से पुनर्निर्माण के सभी कार्य व्यापक रूप से प्रभावित हो गए हैं।
इधर, तृतीय केदार तुंगनाथ धाम सहित चोपता, दुगलबिट्टा, बनियाकुंड, द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम, गौंडार गांव व रांसी गांव के ऊपरी वन व बुग्याल क्षेत्र सहित जखोली के बधाणीताल व अगस्त्यमुनि ब्लाक के धनपुर, रानीगढ़ व बच्छणस्यूं पट्टी के ऊपरी पहाडिय़ों व जंगलों में भारी हिमपात हुआ है।
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गोपेश्वर जिले में बुधवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश और बर्फबारी होती रही। बदरीनाथ धाम में तीन तो हेमकुंड साहिब में करीब साढ़े चार फीट ताजी बर्फ जम गई है।
रुद्रनाथ, गौरसों बुग्याल, नंदा घुंघटी, औली, रामणी बुग्याल सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी जमकर बर्फबारी हुई है। देर सांय तक भी बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा, जिससे निचले क्षेत्रों में ठंडक बढ़ गई है।
औली में बर्फ जमने से यहां पर्यटकों और स्थानीय युवाओं ने स्कीइंग की। दिल्ली से औली पहुंचे पर्यटक स्वीटी और उमेश का कहना है कि वे पहली बार औली पहुंचे हैं। पहली बार करीब से बर्फ गिरने का नजारा देखा।
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बर्फबारी से पुनर्निर्माण के सभी कार्य व्यापक रूप से प्रभावित हो गए हैं।
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कर्णप्रयाग में वुधवार की सुबह से लगातार बारिश से पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है। विश्व प्रसिद् पर्यटन स्थल रूपकुंड तथा वैदनी में दो से तीन फीट बर्फबारी होने की सूचना है। बारिश से एक बार फिर गरम कपड़े बाहर निकल गए हैं।
बुधवार की सुबह से हो रही बारिश से अचानक ठंड बढ़ गई है। वाण के क्षेत्र पंचायत सदस्य हीरा पहाड़ी ने बताया कि दूरस्थ गांव वाण, घेस, दीदना, वाक, हिमनी, बलाड़, सौरीगाड़ आदि गांव में अचानक ठंड बढ़नें से लोग अपने घरों में दुबके रहे। संभावना लगाई जा रही है यदि बारिश बुधवार रात्रि को रही तो कई गांव बर्फ से ढक सकते हैं।
लोहाजंग के इंद्र सिंह राणा ने बताया कि दिल्ली, बंगलुरू से पर्यटक लोहाजंग में रूके है। इनकों बुधवार को भीकलताल व ब्रहमताल को जाना था। लेकिन तेज हवा व बारिश के कारण पर्यटक लोहाजंग से आगे नही बढ पाएं है।
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जिले में बीती रात्रि से रिमझिम बारिश के साथ ही गंगोत्री व यमुनोत्री धाम सहित ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी का दौर जारी है। आज दिनभर निचले इलाकों में लगातार रिमझिम बारिश हुई जबकि ऊंचाई वाले स्थानों पर एक फीट तक बर्फ गिरी है। बर्फबारी के चलते गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर यातायात कठिन हो गया है।
गंगनानी से आगे गंगोत्री हाईवे पर बर्फबारी से वाहनों की आवाजाही ठहर गई है जबकि यमुनोत्री हाईवे राड़ी टॉप में गिरी बर्फ के कारण यातायात के लिए बेहद कठिन हो गया है।
सुक्खी टॉप, हर्षिल, झाला, मुखबा, धराली, जसपुर सहित उपला टकनौर घाटी के कई गांव बर्फबारी से लकदक हो गए हैं। यहां गांवों में एक फीट तक बर्फ गिरी है। जबकि यमुना वैली में खरसाली, बीफ, जानकीचट्टी, फूलचट्टी, राड़ी टॉप में जमकर बर्फबारी होने से यमुनोत्री हाईवे पर यातायात पर कठिन हो गया। बारिश व बर्फबारी के कारण जिले में फिर से कंपकंपी लौट आई है। कई जगहों पर लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते दिखे।
मसूरी के आसपास की पहाड़ियों पर बर्फबारी से मसूरी और आसपास के इलाकों में ठंड में इजाफा हो गया। बर्फबारी से मसूरी का तापमान 4 डिग्री पर पहुंच गया। वहीं, मंगलवार रात से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो हुआ। ठंड बढ़ने और बारिश के चलते बाजारों की रौनक गायब रही। स्कूली बच्चों को परेशानी उठानी पड़ी।
बुधवार सुबह सुरकंडा देवी मंदिर, धनोल्टी, बुरांशखंडा और नागटिब्बा की चोटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली। बर्फबारी से ठंड में अचानक भारी बढ़ोतरी हो गई। ठंड के चलते बाजारों में भी चहल-पहल कम दिखाई दी। इन दिनों स्कूल-कालेजों का खुलने का सिलसिला जारी है।
जिससे स्कूली जाने वाले बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। मसूरी-देहरादून मार्ग पर भी ठंड के चलते वाहनों की आवाजाही कम दिखाई दी। लोग अपने घरों में कैद रहे। जबकि होली से ऐन पहले कड़कड़ाती ठंड ने त्योहार का मजा भी किरकिरा कर दिया है। ठंड बढ़ने से पटरी व्यापारी, रिक्शा-बोझा और भवन निर्माण से जुड़े मजदूरों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।