किशाऊ बांध परियोजना के प्रस्तावित स्थल को लेकर जौनसार-बावर और सीमांत हिमाचल क्षेत्र के ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया है। बृहस्पतिवार को क्वानू में आयोजित विशाल महापंचायत में ग्रामीणों ने एक सुर में स्पष्ट किया कि वे राष्ट्रहित में बन रहे बांध के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन क्वानू की उपजाऊ और पुश्तैनी जमीन को डूब क्षेत्र में शामिल करने का पुरजोर विरोध करते हैं। ग्रामीणों ने सरकार से परियोजना स्थल को मीनस की ओर शिफ्ट करने की मांग उठाई है।
महापंचायत को संबोधित करते हुए किशाऊ बांध संघर्ष जन कल्याण समिति के अध्यक्ष सूर्य प्रताप राजा ने कहा कि मौजूदा प्रस्तावित स्थल पर बांध बनने से ग्रामीणों की समतल कृषि भूमि हमेशा के लिए जलमग्न हो जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि क्वानू क्षेत्र में किसी भी कीमत पर बांध का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण अंतिम सांस तक संघर्ष करेंगे। समिति के संरक्षक मुन्ना सिंह राणा ने प्रस्तावित स्थल के भूकंपीय क्षेत्र में होने का दावा करते हुए कार्यदायी संस्था के सर्वे और मिट्टी की जांच प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। महापंचायत में स्वाभिमान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बॉबी पंवार, नरेंद्र राणा, सचिन नरेश राय, बलवीर सिंह, गंभीर सिंह चौहान और स्थानीय जिला पंचायत सदस्य प्रवीन रावत सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
दोबारा सर्वे कराने की उठी मांग
रुद्र सेना के संस्थापक राकेश तोमर उत्तराखंडी ने सरकार से परियोजना पर पुनर्विचार करने की अपील की। उन्होंने मांग रखी कि बांध स्थल को गांव से करीब आठ किलोमीटर आगे मयारखड की ओर तय कर इसका दोबारा सर्वे कराया जाए। पदाधिकारियों ने बताया कि बांध निर्माण के लिए पिलर लगाए जाने के समय से ही क्षेत्रीय ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। इस संबंध में एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है, लेकिन प्रशासन स्तर पर कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई है।