नाथ संप्रदाय से जुड़े योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा से धर्मनगरी में भी खुशी की लहर दौड़ गई। नाथों के गढ़ नाथों के दलीचे (आश्रम) में मिठाई बांटी गई। घोषणा होने के बाद भगवान गोरखनाथ की आरती उतारी गई। हरिद्वार के संतों ने भारतीय जनता पार्टी के इस फैसले का स्वागत किया है। संतों ने कहा कि भविष्य में योगी आदित्यनाथ को हरिद्वार बुलाकर सम्मानित किया जाएगा।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी और महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की बागडोर योगी आदित्यनाथ के हाथ आने से तीर्थों का विकास तेजी से होगा। श्रीमहंत हरि गिरी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ का हरिद्वार के संत समाज से गहरा रिश्ता है।
भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी ने आदित्यनाथ को जुझारू नेता करार दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का भविष्य अब निश्चित रूप से उज्ज्वल हो जाएगा। पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने कहा कि योगी उत्तर प्रदेश को बढ़िया सरकार देंगे। उन्होंने कहा कि योगी को हरिद्वार बुलाकर उनका सम्मान किया जाएगा।
कालिका पीठाधीश्वर स्वामी सुरेंद्रनाथ अवधूत, महामंडलेश्र हरिचेतनानंद, महामंडलेश्वर कपिल मुनि, रामेश्वरानंद, प्रेम गिरी, निर्मले संत बलवंत सिंह, स्वामी ऋषिश्वरानंद, महंत मोहन दास, मुखिया भगत राम, श्रीमहंत रविंद्र पुरी आदि संतों ने योगी आदित्यनाथ को शुभकामना संदेश भेजे हैं। हरिद्वार के संतों ने उत्तराखंड की नवनिर्वाचित सरकार को शुभकामना दी। महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत ने कहा है कि योगी आदित्यनाथ उनके धर्म भाई हैं और उन्हें हरिद्वार बुलाकर गंगा पूजन कराया जाएगा।