प्रदेश की 957 बस्तियों में गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी 2016 तक पीने का पर्याप्त पानी पहुंच जाएगा। प्रदेश के पेयजल विभाग की ओर से इन बस्तियों को पेयजल योजनाओं से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं दूसरी ओर पेयजल की रुकी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार नाबार्ड से 300 करोड़ का ऋण लेने की तैयार कर रही है।
187 बस्तियों में काम पूरा
वित्तीय वर्ष 2015-16 में 957 बस्तियों को पेयजल आच्छादित करने की योजना पर अभी तक 1109.361 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। सोमवार को विधानसभा परिसर में पेयजल मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी की ओर से ली गई समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अगस्त 2015 तक इनमें से 187 बस्तियों में काम पूरा हो चुका है।
नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर प्रारंभिक चरण में पूरी हुई योजनाओं को खोल दिया जाएगा। नैथानी ने बताया कि नाबार्ड से 300 करोड़ रुपये के ऋण की बात चल रही है। ताकि पेयजल की रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा किया जा सके।
700 करोड़ के प्रोजेक्ट तैयार
उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 700 करोड़ रुपये के पेयजल के प्रोजेक्ट तैयार हैं। इनके लिए केंद्र सरकार की ओर से पैसा दिया जाना है।