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एक साल बाद भी नहीं मिला पानी

Sun, 14 Feb 2016 01:05 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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नलकूप की फाइल शासन में ऐसे लटकी कि कौलागढ़ की जनता को एक साल बाद भी पानी नहीं मिल पाया।
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क्षेत्र में नलकूप लगाने के लिए 57 लाख की लागत का स्टीमेट शासन को भेजा गया था। लोगों का कहना है कि विभागीय अफसरों की हीलाहवाली के कारण फाइल शासन में कैद है। नलकूप नहीं लगने से क्षेत्रवासियों को पानी नहीं मिल पा रहा है। जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर लोगों ने तालाबंदी की चेतावनी दी है।

करीब एक साल पहले कौलागढ़ क्षेत्र में पानी की किल्लत शुरू हुई तो जल संस्थान के अफसरों का तर्क था कि क्षेत्र में चल रहे सीवर लाइन के कार्यों से पानी की लाइन टूट रही है। पेयजल निगम की ओर से लाइन की जांच कराई गई। तब पता चला कि क्षेत्र के नलकूप का डिस्चार्ज घट गया है।
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जल संस्थान ने क्षेत्रवासियों से नए नलकूप का स्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया। एक साल बाद भी यह स्टीमेट शासन में ही है। कांग्रेस कैंट विधानसभा वार्ड अध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने बताया कि पहले कई दिन तक पानी की किल्लत हुई थी तो क्षेत्रवासियों ने विजय पार्क स्थित जल संस्थान के कार्यालय में तालाबंदी की थी। तब दूसरे क्षेत्रों से पानी भेजा गया था।

उन्होंने कहा कि पानी की समस्या के समाधान को दोबारा से आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस बार उच्च अधिकारियों के कार्यालयों की तालाबंदी की जाएगी।

यहां बनी है समस्या
कौलागढ़ रोड, अंबेडकर गली, झंडा चौक, डंडा पानी, शिव मंदिर वाली गली आदि

नलकूप के स्टीमेट की फाइल शासन को भेज दी गई है। बजट को मंजूरी नहीं मिली है। जिस कारण नलकूप का कार्य अटका हुआ है।
- बीबी कोठियाल, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान

एक क्षेत्र में तीन विभाग डालेंगे पेयजल लाइन!
देहरादून की घनी आबादी वाले खुड़बुड़ा, चुक्खूवाला, मन्नूगंज, डांडीपुर, नेशविला रोड आदि इलाकों में लंबे समय से पानी की समस्या बनी रही तो किसी ने सुध नहीं ली। अब जिम्मेदार मेहरबान हुए तो इस कदर कि एक साथ तीन विभाग पेयजल संस्थान, एडीबी और पेयजल निगम ने पानी की लाइन बिछाने का प्रस्ताव दे डाला है।

इससे असमंजस की स्थिति हो गई है कि आखिर कौन सा विभाग पेयजल लाइन डालेगा? बता दें कि क्षेत्र में अंग्रेजों के जमाने में बिछाई गईं पेयजल लाइनें अब क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। काफी समय से लोग नई लाइन बिछाने की मांग कर रहे थे।

आपसी समन्वय की कमी
एक ही क्षेत्र की एक ही योजना के लिए तीन विभागों के प्रस्ताव तैयार करने से स्पष्ट है कि विभागों के बीच समन्वय की कमी है। यदि तीनों विभाग समन्वय बनाकर काम करते तो एक समय में तीन अलग-अलग इलाकों की पानी की समस्या हल हो सकती थी।

एडीबी की ओर से इन क्षेत्रों के लिए प्रस्ताव तैयार है। आगे के फेज में इन जगहों पर पानी की नई लाइन डाली जाएगी। यदि दूसरे विभाग भी ऐसी तैयारी में हैं तो तालमेल बनाकर काम किया जाएगा।
- एके पंत, कार्यक्रम उप निदेशक, एडीबी (शहरी)

पेयजल निगम की ओर से घनी आबादी वाले इन क्षेत्रों के लिए योजना है। जल्द ही इन क्षेत्रों की लाइन बदली जाएगी। इस संबंध में दूसरे विभागों से बात कर ली जाएगी।
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- सुजीत कुमार विकास, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम

जल संस्थान ने इन क्षेत्रों में पानी की किल्लत को देखते हुए योजना तैयार की है। पुरानी लाइनें टूट चुकी हैं। उक्त क्षेत्रों के लोग कई बार जल संस्थान के पास परेशानी लेकर आए तो विभाग ने योजना तैयार की है। जल्द काम शुरू हो जाएगा।
- एलके अदलखा, अधीक्षण अभियंता, पेयजल संस्थान
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