चारधाम यात्रा मार्गों पर खासतौर से ध्यान देने के निर्देश
पर्वतीय जिलों में भी हालात बिगड़ने लगे हैं। उत्तरकाशी व पौड़ी में पेयजल संकट का प्रभाव ज्यादा नजर आ रहा है। वहीं, कुमाऊं के पिथौरागढ़ व अल्मोड़ा जिले में भी पेयजल किल्लत होने लगी है। हालात को देखते हुए गढ़वाल मंडलायुक्त सुशील कुमार ने प्रदेशभर में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश जारी किए हैं। यही नहीं चारधाम यात्रा मार्गों पर खासतौर से ध्यान देने के लिए भी कहा गया है।
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बीते वर्षों के पेयजल संकट पर एक नजर
-राज्य में वर्ष 2022 में 371 कालोनियों में हुई पेयजल समस्या। 172 टैंकरों से हुई आपूर्ति।
-वर्ष 2021 में 379 कालोनियों में पानी की कमी रही। जहां 224 टैंकरों से आपूर्ति की गई।
-2020 में 230 कालोनियों में पेयजल किल्लत हुई। 111 टैंकरों से की गई आपूर्ति।
-दून, नैनीताल में सबसे ज्यादा होती है पेयजल किल्लत।
-2022 में दून में 194 और नैनीताल जिले में 48 कालोनियों में पेयजल संकट हुआ।