उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जल सरचार्ज और सालाना जल मूल्य वृद्धि की दर घटाकर आम आदमी को राहत दी है, वहीं भूगर्भ जल का मुफ्त उपभोग करने वालों से जल मूल्य वसूलने के निर्देश दिए हैं।
इससे भूगर्भ जल का दोहन करनी वाली औद्योगिक इकाइयों, भवन निर्माण करने वाले बिल्डरों, व्यावसायिक संस्थाओं के साथ सरकारी भवनों से भी जल मूल्य की वसूली की जाएगी। अभी तक बिल्डरों, व्यावसायिक संस्थाओं आदि से स्थायी या अस्थायी रूप से ट्यूबवेल लगाकर भूगर्भ जल दोहन करने पर जल मूल्य नहीं लिया जाता था।
पानी का बिल देर से जमा करने पर उपभोक्ताओं से पांच प्रतिशत सरचार्ज वसूल किया जाता था। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस घटाकर डेढ़ प्रतिशत कर दिया है। इसके साथ ही जल मूल्य में हर साल 15 फीसदी की वृद्धि की जाती थी।