भूखे रहने और पथरी का क्या है संबंध
डॉ. सलूजा बताते हैं कि लंबे समय तक भोजन न करने पर पित्त की थैली नियमित रूप से खाली नहीं हो पाती। वहीं, बहुत तेजी से वजन घटाने या बेहद कम कैलोरी वाला आहार लेने की स्थिति में लीवर से पित्त में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल पहुंच सकता है और गॉल ब्लैडर के खाली होने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि क्रैश डाइट और तेजी से वजन घटाने की कोशिश पित्त की पथरी के जोखिम को बढ़ा सकती है।
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दर्द को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
डॉ. सलूजा बताते हैं कि पित्त की पथरी कई लोगों में बिना किसी लक्षण के भी रह सकती है। जब पथरी पित्त नली को अवरुद्ध करती है तो पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तेज दर्द, मितली या उल्टी जैसी शिकायत हो सकती है। यह दर्द कई घंटे तक रह सकता है और अक्सर भारी भोजन के बाद सामने आता है। यदि पेट दर्द के साथ बुखार, ठंड लगना, लगातार उल्टी, आंखों या त्वचा का पीला पड़ना, गहरे रंग का पेशाब या कई घंटे तक बना रहने वाला तेज दर्द हो, तो इसे सामान्य गैस या अपच समझकर टालना नहीं चाहिए। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय जांच जरूरी है, क्योंकि पित्त की नली में रुकावट से गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।
क्या करें
-लंबे समय तक बिना भोजन के न रहें और अनियमित खानपान से बचें।
-वजन कम करना हो तो क्रैश डाइट के बजाय धीरे और सुरक्षित तरीके से वजन घटाएं।
-तले-भुने, अत्यधिक वसायुक्त और जंक फूड का सेवन सीमित करें।
-भोजन में फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें।
-नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित आहार को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
-बार-बार पेट दर्द, खासकर दाहिनी ऊपरी तरफ दर्द होने पर चिकित्सक से जांच कराएं।